बलरामपुर पुलिस और STF भुवनेश्वर की बड़ी कार्रवाई, 16 करोड़ के गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़

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Update: 2026-07-17 17:46 GMT
Balrampur. बलरामपुर। बलरामपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। बलरामपुर पुलिस और एसटीएफ भुवनेश्वर की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस अब तक इस पूरे मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, अब तक कुल 3139.570 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
गांजा तस्करी
का यह नेटवर्क ओडिशा से राजस्थान सहित अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।

पुलिस की कार्रवाई से अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह को बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने जिन चार नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें दुर्वाशा साहु उम्र 46 वर्ष, सुबुधी साहु उम्र 40 वर्ष, अरुण कुमार राना उम्र 34 वर्ष और प्रकाश खटुआ उम्र 35 वर्ष शामिल हैं। सभी आरोपी ओडिशा राज्य के बौध जिले के कंटामाल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। इससे पहले पुलिस इस मामले में लोकेश शर्मा, आमिष अंसारी और नीलाम्बर कंहार सहित पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

दो बड़े एनडीपीएस मामलों की जांच में खुला तस्करी नेटवर्क
यह पूरी कार्रवाई थाना बसंतपुर में दर्ज दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों की जांच के दौरान सामने आई। पुलिस के अनुसार, पहला मामला 29 दिसंबर 2025 का है। इस दौरान एक टाटा ट्रक से 1198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। तस्करों ने गांजे को छिपाने के लिए ट्रक में नारियल की भूसी का इस्तेमाल किया था। यह गांजा ओडिशा से राजस्थान ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ट्रक और गांजा जब्त किया था। वहीं दूसरा मामला 11 जून का है, जिसमें ट्रक क्रमांक RJ-14 GU-9078 से 1941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। दोनों मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के आधार पर तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी मिली।

ओडिशा के सोनपुर से ट्रकों तक पहुंचता था गांजा
पुलिस जांच में सामने आया कि गांजा तस्करी के लिए एक सुनियोजित नेटवर्क काम कर रहा था। ओडिशा के सोनपुर स्थित लोपा ढाबा के पास पिकअप वाहनों के माध्यम से गांजा पहुंचाया जाता था। इसके बाद गांजे को बड़े ट्रकों में लोड कर दूसरे राज्यों में भेजा जाता था। तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते थे और गांजे को छिपाकर परिवहन करते थे। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर चारों नए आरोपियों की भूमिका की पहचान की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने गांजा तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

मादक पदार्थ तस्करों पर जारी रहेगा शिकंजा
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना और जिले में अपराध नियंत्रण बनाए रखना है। मादक पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी। तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, आर्थिक लेनदेन और परिवहन व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।

16 करोड़ के गांजा मामले में बड़ी उपलब्धि
बलरामपुर पुलिस और एसटीएफ भुवनेश्वर की संयुक्त कार्रवाई को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। हजारों किलो गांजा जब्ती और नौ आरोपियों की गिरफ्तारी से तस्करी गिरोह की कमर टूटने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर नजर रखी जाएगी और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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