Pharasgaon. फरसगांव। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर फरसगांव क्षेत्र में अवैध प्रवासियों और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को बड़े स्तर पर सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान में करीब 150 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की 21 टीमें मैदान में उतरीं। पुलिस टीमों ने घर-घर पहुंचकर लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की। अभियान के दौरान 1200 से अधिक घरों और 160 से अधिक दुकानों व प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई।
पुलिस के अनुसार, यह अभियान फरसगांव नगर पंचायत क्षेत्र के सभी 15 वार्डों के साथ आसपास के कई इलाकों में चलाया गया। एसडीओपी अभिनव उपाध्याय और डीएसपी सिद्धार्थ बघेल के नेतृत्व में गठित पुलिस टीमों ने फरसगांव के अलावा जुगानी कलार, जुगानी कैंप, पश्चिम बोरगांव, पूर्वी बोरगांव और सिगारपुरी क्षेत्र में भी जांच अभियान चलाया। पुलिसकर्मियों ने घरों में पहुंचकर वहां रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की। अभियान के दौरान पुलिस ने 173 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ और तस्दीक के लिए थाना फरसगांव लाया। यहां संबंधित व्यक्तियों के पहचान पत्र, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बाहरी क्षेत्रों से आकर फरसगांव और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों की जानकारी को भी रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में संबंधित थानों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए एसएस रोल और एनओसी के माध्यम से संबंधित रिकॉर्ड की तस्दीक की जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्षेत्र में रहने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में कोई आपराधिक मामला दर्ज है या वह किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल रहा है अथवा नहीं। सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने बाहर से आकर क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जानकारी मुसाफिर रजिस्टर में भी दर्ज कराई। पुलिस ने मकान मालिकों को किरायेदारों और अन्य बाहरी लोगों की जानकारी व्यवस्थित तरीके से दर्ज कराने के लिए जागरूक किया। इसके लिए मकान मालिकों को समाधान ऐप डाउनलोड कर उसमें किरायेदारों और उनके यहां रहने वाले अन्य व्यक्तियों की आवश्यक जानकारी दर्ज करने के लिए कहा गया।
पुलिस ने अभियान के दौरान केवल आवासीय क्षेत्रों में ही नहीं, बल्कि विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी जांच की। मटन दुकानों, नाई की दुकानों, कबाड़ी दुकानों सहित ऐसे कई प्रतिष्ठानों को चिन्हांकित किया गया, जहां बाहर से आए अथवा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी कार्यरत हैं। पुलिस ने इन कर्मचारियों की पहचान और उनके दस्तावेजों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान पूछताछ और दस्तावेजों की तस्दीक के बाद जिन लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक गतिविधि या संदिग्ध संलिप्तता नहीं मिली, उन्हें आवश्यक हिदायत देकर छोड़ा गया। पुलिस का कहना है कि केवल संदिग्ध पाए जाने के आधार पर किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं माना गया, बल्कि दस्तावेजों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के अनुसार, इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों या अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना और कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी मौजूदगी सुनिश्चित करना भी अभियान का हिस्सा है। फरसगांव पुलिस ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बाहरी लोगों के आने और रहने की स्थिति में मकान मालिकों तथा प्रतिष्ठान संचालकों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने मकान में किराए पर रहने वाले व्यक्तियों की पूरी जानकारी रखें और संबंधित जानकारी पुलिस के रिकॉर्ड में भी दर्ज कराएं। इससे किसी आपराधिक घटना की स्थिति में संदिग्धों की पहचान और जांच में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए इस तरह के सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और नागरिकों का सहयोग दोनों आवश्यक हैं। फरसगांव पुलिस ने आम नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा है कि यदि उनके आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति, संदिग्ध फेरीवाला, अपरिचित व्यक्ति या अवैध रूप से रह रहे व्यक्ति के संबंध में जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। नागरिक टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर भी सूचना दे सकते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें और समय रहते पुलिस को जानकारी दें। पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सत्यापन और चेकिंग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती से फरसगांव और आसपास के इलाकों में पुलिस की सक्रियता भी बढ़ी है।