Bilaspur. बिलासपुर। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बच्ची ने अपने ही भाई को घर के अंदर कथित तौर पर बंधक बना लिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद नाबालिग बच्ची को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। फिलहाल उसे शेल्टर सेंटर में रखा गया है, जहां उसकी काउंसलिंग कराई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग अपने बॉयफ्रेंड के पास जाना चाहती थी, लेकिन परिवार के सदस्य उसे रोक रहे थे। इसी बात से नाराज होकर उसने अपने भाई को घर के अंदर बंधक बना लिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। आरोप है कि नाबालिग ने अपने भाई को छोड़ने के बदले बॉयफ्रेंड के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की मांग रखी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने सूझबूझ के साथ स्थिति को संभाला और घर के अंदर मौजूद बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना में बच्चे को सुरक्षित निकालने के बाद पुलिस ने नाबालिग के मामले में किशोर न्याय और बाल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने नाबालिग की सामाजिक पृष्ठभूमि से संबंधित रिपोर्ट तैयार की है। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले में नाबालिग की उम्र और उससे जुड़े संवेदनशील पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। बच्ची की परिस्थितियों और उसके व्यवहार से जुड़े पहलुओं को समझने के लिए काउंसलिंग की जा रही है।
फिलहाल नाबालिग को देखरेख और संरक्षण के लिए शेल्टर सेंटर में रखा गया है। यहां विशेषज्ञों द्वारा उसकी काउंसलिंग की जा रही है। इस दौरान यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि किन परिस्थितियों के कारण उसने ऐसा कदम उठाया और उसे किस तरह की सहायता एवं संरक्षण की आवश्यकता है। पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारी मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। परिवार से भी घटना से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम और पैसे ट्रांसफर करने की कथित मांग से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। घटना के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी सुरक्षा, गोपनीयता और हितों को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया है और नाबालिग को फिलहाल संरक्षण में रखते हुए आवश्यक काउंसलिंग उपलब्ध कराई जा रही है।
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