कांग्रेस पर नरेश चंद्र गुप्ता का तीखा हमला, न्यायपालिका के अपमान का लगाया आरोप
न्यायपालिका के अपमान का आरोप, कांग्रेस पर साधा निशाना
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी राजनीतिक कार्यशैली की आलोचना की है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी अपने बयान में उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अपमानजनक रवैया अपनाने और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। अधिवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने अपने बयान में दावा किया कि कांग्रेस सत्ता हासिल करने की होड़ में देश की संप्रभुता, सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े विषयों पर गैरजिम्मेदाराना राजनीति कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर अंतरराष्ट्रीय साजिशों का हिस्सा बनने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन गंभीर आरोपों के समर्थन में बयान में कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश पर कथित टिप्पणी को लेकर नाराजगी
गुप्ता ने केरल कांग्रेस की ओर से देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पर कथित टिप्पणी किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे न्यायपालिका के सम्मान और संवैधानिक मर्यादाओं से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चुनाव आयोग और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ आरोप लगाती रही है। गुप्ता ने कांग्रेस के इस रवैये को संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा के लिए अनुचित बताया।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर दिया जोर
नरेश चंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस स्वतंत्र संस्थाओं के कामकाज को राजनीतिक नजरिए से देखती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कानून तथा संविधान के दायरे में स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक सोच की आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी दलों को संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए। अपने बयान के अंत में गुप्ता ने कांग्रेस के कथित आचरण की निंदा की और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह समाचार नरेश चंद्र गुप्ता के जारी बयान पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। संबंधित घटनाक्रम: केरल कांग्रेस ने विवादित पोस्ट हटा दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने स्पष्ट किया कि पोस्ट पार्टी नेतृत्व की अनुमति के बिना प्रकाशित हुई थी और यह पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर विश्वास जताया है।