Ambikapur. अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर में एक निजी अस्पताल पर इलाज के नाम पर मरीज के परिजनों से लाखों रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप लगा है। शहर के गुदरी चौक स्थित लक्ष्मी नारायण अस्पताल के संचालक के खिलाफ पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के दौरान उन्हें गलत जानकारी देकर पैसे वसूले। अस्पताल की ओर से परिजनों को बताया गया कि उनका आयुष्मान कार्ड ब्लॉक हो गया है और योजना के तहत इलाज संभव नहीं है। इसके बाद इलाज जारी रखने के लिए उनसे नकद भुगतान करने को कहा गया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की बातों पर भरोसा करते हुए उन्होंने इलाज के लिए 1 लाख 60 हजार रुपये नकद जमा किए। हालांकि, बाद में जब उन्होंने पूरे मामले की जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि अस्पताल ने उसी मरीज के इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत भी राशि का दावा किया है। शिकायत के मुताबिक, अस्पताल द्वारा आयुष्मान योजना से भी 1 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि क्लेम की गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक ही इलाज के लिए अस्पताल ने उनसे नकद पैसे लेने के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य योजना से भी भुगतान प्राप्त किया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें इलाज से संबंधित कोई बिल या रसीद उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद उन्हें पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका हुई और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अस्पताल संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। अस्पताल द्वारा मरीज से लिए गए भुगतान, आयुष्मान योजना के तहत किए गए क्लेम और इलाज संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या अस्पताल प्रबंधन ने पहले भी इसी तरह अन्य मरीजों के साथ धोखाधड़ी या आर्थिक अनियमितता की है। इसके लिए अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड और शिकायतों की भी जांच की जा सकती है।
पुलिस का कहना है कि मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो अस्पताल संचालक और संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के सही क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
Tags: