रायगढ़ SSP ने ली क्राइम मीटिंग, लंबित अपराधों के जल्द निराकरण के दिए निर्देश
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Raigarh. रायगढ़। जिले की कानून व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने पुलिस नियंत्रण कक्ष में मासिक क्राइम मीटिंग ली। बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अपराधों की स्थिति, विवेचनाओं की प्रगति, शिकायतों, गुम इंसान और मर्ग प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसएसपी ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि लंबित अपराधों का समयबद्ध निराकरण किया जाए और विवेचना की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। गंभीर अपराधों की जांच जल्द पूरी कर प्रभावी चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
हत्या, पॉक्सो और चोरी जैसे गंभीर मामलों की हुई समीक्षा
क्राइम मीटिंग की शुरुआत रायगढ़ अनुविभाग के थानों की समीक्षा से हुई। इसके बाद खरसिया और धरमजयगढ़ अनुविभाग के सभी थानों में लंबित अपराधों, शिकायतों, गुम इंसान और मर्ग प्रकरणों की एक-एक कर जानकारी ली गई। बैठक में हत्या, हत्या के प्रयास, बड़ी चोरी, नकबजनी, महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर मामलों में लंबित विवेचनाओं की प्रगति पर थाना प्रभारियों और जांच अधिकारियों से जवाब मांगा गया। एसएसपी ने कहा कि गंभीर अपराधों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मामलों में वैज्ञानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ मजबूत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विवेचना के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जाएं, ताकि अपराधियों को सजा दिलाने में पुलिस की भूमिका प्रभावी साबित हो सके।
थाना प्रभारियों का छह माह का रिपोर्ट कार्ड पेश
बैठक में वर्ष 2025 और वर्ष 2026 के पहले छह माह के पुलिस कार्यों की तुलनात्मक समीक्षा प्रस्तुत की गई। इस दौरान सभी थाना प्रभारियों का छह माह का परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड भी सामने रखा गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अपराधों के निराकरण की गति बढ़ाने, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई तेज करने और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने जुआ, सट्टा, अवैध शराब बिक्री, आदतन अपराधियों की निगरानी और माइनर एक्ट के मामलों में कार्रवाई बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन केवल अपराध दर्ज करने से नहीं, बल्कि उसके सफल निराकरण और पीड़ित को मिले न्याय से होता है।
अपराध नियंत्रण, यातायात और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस
इस बार की क्राइम मीटिंग में तीन प्रमुख विषयों पर विशेष चर्चा की गई। इनमें लंबित अपराधों का शीघ्र निराकरण, यातायात व्यवस्था में सुधार और मानसून के दौरान बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की तैयारी शामिल रही। एसएसपी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सड़क खराब होने, जलभराव और वाहनों के खराब होने से जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में यातायात शाखा को पहले से तैयारी रखनी होगी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर रोड इंजीनियरिंग में आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
क्राइम मीटिंग में जिले के प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को भी शामिल किया गया। एसएसपी ने उनके प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पुलिसिंग के हर पहलू को गंभीरता से सीखना जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को सीसीटीएनएस सहित पुलिस के तकनीकी कार्यों में दक्षता हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकता है। बैठक के बाद विशेष कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। इसमें डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने केस स्टडी के माध्यम से विवेचना के दौरान होने वाली सामान्य गलतियों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच में छोटी सी चूक भी आरोपी को लाभ पहुंचा सकती है। इसलिए प्रत्येक विवेचक को वैज्ञानिक सोच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जांच करनी चाहिए।
महानदी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को लेकर अलर्ट
मानसून को देखते हुए एसएसपी ने जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ की संभावित स्थिति की भी समीक्षा की। विशेष रूप से महानदी से लगे क्षेत्रों में पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। थाना प्रभारियों को कोटवारों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा गया। इसके अलावा अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए पहले से तैयारी रखने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक संसाधन और कार्ययोजना तैयार रखना जरूरी है।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, रक्षित निरीक्षक अमित सिंह सहित शहर और सभी अनुविभागों के थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बैठक के अंत में कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। प्रत्येक मामले में निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।