Raipur. रायपुर। राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, सुगम, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने ‘रायपुर ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ की शुरुआत की है। ‘Our City | Our Roads | Our Ideas’ थीम पर आयोजित इस अभियान का शुभारंभ पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने NIT रायपुर के हीरा ऑडिटोरियम में किया। हैकाथॉन में आम नागरिकों से लेकर विद्यार्थी, इंजीनियर, अर्बन प्लानर, आर्किटेक्ट, स्टार्टअप और ट्रैफिक विशेषज्ञ शहर की यातायात समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सकेंगे। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की इस पहल में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान NIT रायपुर और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया के छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर का सहयोग रहेगा।

हैकाथॉन के लिए 17 अगस्त से पंजीयन और ऑनलाइन सबमिशन शुरू हो गया है, जो 17 सितंबर 2026 तक चलेगा। अंतिम प्रस्तुति 27 सितंबर को होगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि सड़क का इस्तेमाल हर नागरिक करता है, इसलिए बेहतर यातायात व्यवस्था केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे शहर की साझा जिम्मेदारी है। शहर की सड़कों और चौराहों से प्रतिदिन गुजरने वाले नागरिक वहां की वास्तविक समस्याओं को करीब से देखते हैं। ऐसे लोगों के सुझाव यातायात व्यवस्था सुधारने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से अपने सुझावों को केवल विचार तक सीमित नहीं रखने बल्कि Short Term, Mid Term और Long Term समाधान के रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों पर पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर अमल करने का प्रयास किया जाएगा। जिन प्रस्तावों के लिए शासन स्तर पर निर्णय या संसाधनों की आवश्यकता होगी, उन्हें आगे भेजा जाएगा।

छह विषयों पर मांगे गए समाधान
ट्रैफिक हैकाथॉन में छह प्रमुख विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें यातायात इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन, पार्किंग प्रबंधन, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन एकीकरण, पैदल यात्रियों एवं साइकिल ट्रैक जैसे गैर-मोटर चालित परिवहन और यातायात प्रबंधन में AI एवं IoT का इस्तेमाल शामिल है। प्रतिभागियों को रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र की वास्तविक यातायात समस्या या स्थान को चिन्हित कर ऐसा समाधान देना होगा, जिसे व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके। प्रतियोगिता सभी के लिए खुली है। एक प्रतिभागी एक से अधिक विषयों में भी हिस्सा ले सकता है, लेकिन प्रत्येक विषय के लिए अलग पंजीयन और सबमिशन करना होगा।

30 प्रतिभागी पहुंचेंगे अंतिम चरण में
हैकाथॉन की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी। पहले चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ आइडिया, प्रेजेंटेशन, फोटो और वीडियो जमा किए जाएंगे। दूसरे चरण में विशेषज्ञों की टीम सभी प्रस्तावों की स्क्रीनिंग करेगी। प्रत्येक छह विषयों से पांच श्रेष्ठ आइडिया चुने जाएंगे। इस तरह कुल 30 प्रतिभागियों को अंतिम चरण में जगह मिलेगी। शॉर्टलिस्ट प्रतिभागी 27 सितंबर को विशेषज्ञों के सामने अपना फाइनल प्रेजेंटेशन देंगे। विचारों की उपयोगिता, व्यावहारिकता, तकनीकी क्षमता, नवाचार और यातायात व्यवस्था पर संभावित प्रभाव के आधार पर विजेताओं का चयन होगा। विजेताओं को रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से नगद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

कार्यक्रम में NIT रायपुर के निदेशक प्रो. डॉ. एनवी रमणा राव विशिष्ट अतिथि रहे। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर डॉ. अमित तुकाराम कांबले और IEI छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर के चेयरमैन पुनीत चौबे सहित विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल हुए। डीसीपी ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा ने हैकाथॉन की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी दी। कार्यक्रम में डीसीपी वेस्ट रॉबिन्सन गुड़िया, डीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप, अतिरिक्त डीसीपी ट्रैफिक रामकुमार बर्मन, अतिरिक्त डीसीपी पश्चिम राहुल देव शर्मा सहित यातायात पुलिस के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। रायपुर पुलिस ने विद्यार्थियों, इंजीनियरों, स्टार्टअप्स, अर्बन प्लानर्स, आर्किटेक्ट्स और आम नागरिकों से हैकाथॉन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। पुलिस का उद्देश्य जनभागीदारी और तकनीक के माध्यम से ऐसे नए समाधान तलाशना है, जिनसे राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था को भविष्य में अधिक सुरक्षित और स्मार्ट बनाया जा सके।
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