बिलासपुर में सेक्सटॉर्शन गैंग का नया खेल, महिला शिक्षिका से 76 हजार की ठगी

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Update: 2026-07-11 14:01 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए एक महिला शिक्षिका को सेक्सटॉर्शन का शिकार बना लिया। ठगों ने महिला को अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाकर डराया और एफआईआर दर्ज कराने व समाज में बदनाम करने की धमकी दी। डर और मानसिक दबाव में आकर शिक्षिका ने ठगों के बताए अनुसार अलग-अलग किश्तों में कुल 76,500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 28,993 रुपए की राशि
होल्ड करा
दी है। वहीं सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाली 42 वर्षीय शिक्षिका को 4 जुलाई को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम सुनील बताया और महिला से कहा कि उसके मोबाइल से अश्लील वीडियो देखे जाने की जानकारी उसके पास है। आरोपी ने महिला को डराने के लिए दावा किया कि उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी और उसकी कथित गतिविधियों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा।

आरोपी ने लगातार फोन पर महिला को धमकाया और कहा कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो उसे कानूनी कार्रवाई और बदनामी का सामना करना पड़ेगा। अचानक आए इस तरह के आरोप और धमकियों से महिला घबरा गई। आरोपी ने इसी डर का फायदा उठाते हुए महिला को एक क्यूआर कोड भेजा और फोन-पे के माध्यम से पैसे भेजने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की धमकियों में आकर शिक्षिका ने पांच अलग-अलग किश्तों में कुल 76,500 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उन्हें समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की साइबर टीम सक्रिय हुई और बैंकिंग चैनलों के माध्यम से किए गए डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू की। कार्रवाई करते हुए साइबर सेल ने 28,993 रुपए की राशि होल्ड करा दी है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी जुटाकर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

क्या होता है सेक्सटॉर्शन
सेक्सटॉर्शन साइबर अपराध का एक तरीका है, जिसमें अपराधी किसी व्यक्ति को अश्लील फोटो, वीडियो या यौन गतिविधियों से जुड़े आरोपों के नाम पर डराकर पैसे वसूलते हैं। कई बार अपराधी फर्जी वीडियो, एडिटेड फोटो या झूठे स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल कर लोगों पर मानसिक दबाव बनाते हैं। साइबर अपराधी अक्सर पीड़ित को बदनामी, पुलिस कार्रवाई या सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होने का डर दिखाते हैं। इसी डर के कारण कई लोग बिना जांच किए ठगों के बताए खातों में पैसे भेज देते हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज के जरिए लगाए गए ऐसे आरोपों से घबराएं नहीं। यदि कोई व्यक्ति एफआईआर या बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगता है तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
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