भिलाई में आवास नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, पुलिस-CISF से धक्का-मुक्की
छग
Bhilai. भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की आवास नीति और बढ़े हुए किराए को लेकर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। भिलाई विकास मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में टाउनशिप के रहवासियों, लीजधारियों, रिटेंशनधारियों और लाइसेंसधारियों ने नगर सेवा विभाग कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मंच के संयोजक नितेश मिश्रा ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। नाराज प्रदर्शनकारियों ने बीएसपी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आवास संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की। मंच ने प्रबंधन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
जानकारी के अनुसार, भिलाई विकास मंच ने बीएसपी की आवास नीति के विरोध में नगर सेवा विभाग के महाघेराव का आह्वान किया था। मंच ने नागरिकों को सुबह 9 बजे मिराज सिनेमा के पास एकत्रित होने की अपील की थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग नगर सेवा विभाग कार्यालय पहुंचे और आवास संबंधी नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बीएसपी प्रबंधन टाउनशिप में रहने वाले लोगों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है। विशेष रूप से रिटेंशन योजना के अंतर्गत रहने वाले परिवारों से 24 रुपये प्रति वर्गफीट तक किराया वसूलने की व्यवस्था का विरोध किया जा रहा है। मंच का कहना है कि बढ़े हुए किराए से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं।
इसके अलावा लीज और लाइसेंसधारी आवासियों को मकान खाली करने के नोटिस दिए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से टाउनशिप में रह रहे परिवारों के सामने आवास छिनने का खतरा पैदा हो गया है। नगर सेवा विभाग के मुख्य प्रवेश द्वार पर भिलाई नगर पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारी मुख्य द्वार का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश कर गए और कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
भिलाई विकास मंच ने नगर सेवा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपकर आवासियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। मंच की प्रमुख मांगों में लीजधारियों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप आवास उपलब्ध कराना, रिटेंशनधारियों से तृतीय पक्ष के अनुरूप मासिक किराया लेना और लाइसेंसधारी आवासियों को मकान खाली करने के नोटिस जारी करने की कार्रवाई बंद करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों ने जर्जर आवासों के स्थान पर रहने योग्य आवास देने और टाउनशिप की बुनियादी सुविधाओं में सुधार का मुद्दा भी उठाया। मंच का कहना है कि प्रबंधन को आवासियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से विचार करना चाहिए।
मंच के संयोजक नितेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि बीएसपी प्रबंधन दूसरे जिलों में काम करने वाले अधिकारियों को टाउनशिप में आवास आवंटित कर रहा है, जबकि संयंत्र के विकास में योगदान देने वाले श्रमिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवास संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भिलाई के निर्माण और विकास में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में उनके परिवारों के आवास संबंधी अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भिलाई विकास मंच आवासियों की समस्याओं के समाधान तक अपना आंदोलन जारी रखेगा।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, नगर सेवा विभाग के मुख्य महाप्रबंधक श्रीनिवासन ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और कहा कि प्रबंधन विभिन्न मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को समय लेकर चर्चा करने का सुझाव दिया। उल्लेखनीय है कि भिलाई विकास मंच ने इससे पहले 19 सितंबर को भी नगर सेवा विभाग को ज्ञापन सौंपकर आवास नीति से संबंधित समस्याओं को उठाया था। मांगों पर अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण शुक्रवार को दोबारा विरोध प्रदर्शन किया गया। मंच ने बीएसपी प्रबंधन को 15 दिन के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की चेतावनी दी है। संयोजक नितेश मिश्रा ने कहा कि निर्धारित समयसीमा में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का अगला चरण और व्यापक होगा। फिलहाल भिलाई टाउनशिप की आवास नीति, किराया वृद्धि और मकान खाली कराने के नोटिस को लेकर प्रबंधन तथा आवासियों के बीच विवाद बना हुआ है। अब सभी की नजर बीएसपी प्रबंधन के अगले निर्णय पर टिकी हुई है।