Raipur. रायपुर। असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मानवीय संवेदना और अंतरराज्यीय सहयोग की भावना के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि असम में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर चर्चा कर राज्य में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।
असम में बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी रही तथा दो और लोगों की मौत के बाद इस साल अब तक इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है, जबकि 15 जिलों में 1.68 लाख से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने बताया कि बाढ़ के पानी से पटरियों को हुए नुकसान के कारण करीब एक पखवाड़े से प्रभावित शिवसागर जिले में रेल संपर्क बहाल कर दिया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, गोलाघाट और उदलगुड़ी जिलों में दो लोगों की मौत हुई, जिससे इस साल बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या 97 पहुंच गई। बाढ़ से गोलाघाट, शिवसागर, उदलगुड़ी, कामरूप मेट्रोपोलिटन, नगांव, कामरूप, दरांग, सोनितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिस्वनाथ, जोरहाट, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग और धेमाजी जिले प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से अभी भी 1.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 54,000 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद शिवसागर में 49,000 और जोरहाट में 27,000 लोग प्रभावित हैं।
बुधवार को 14 जिलों में करीब 1.6 लाख लोगों के प्रभावित होने की सूचना थी। राज्य के छह जिलों में कुल 133 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां करीब 45,000 विस्थापित लोगों को आश्रय और सहायता दी जा रही है। बाढ़ के कारण 14,382.26 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है। कई जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। रेलवे पटरियों की मरम्मत के बाद बृहस्पतिवार दोपहर से राज्य के कुछ हिस्सों में सीमित रूप से ट्रेन सेवाएं फिर शुरू कर दी गईं।
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