‘विकल्प का कोई विकल्प नहीं’; रायपुर प्रेस क्लब में विकल्प शुक्ला को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
रायपुर : आकाशवाणी समाचार शाखा के उपनिदेशक एवं रायपुर प्रेस क्लब परिवार के सदस्य रहे स्वर्गीय विकल्प शुक्ला को रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर पत्रकारों, आकाशवाणी-दूरदर्शन के कर्मचारियों और उनके परिजनों ने दिवंगत शुक्ला के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। सभा में मौजूद पत्रकारों ने उनके साथ बिताए गए आत्मीय पलों को याद किया और उनके व्यक्तित्व, पत्रकारिता के प्रति समर्पण तथा मिलनसार स्वभाव से जुड़े संस्मरण साझा किए। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि विकल्प शुक्ला केवल एक अनुभवी और कुशल समाचारकर्मी ही नहीं, बल्कि बेहद संवेदनशील, हंसमुख और जिंदादिल इंसान भी थे। समाचारों की गहरी समझ, हिंदी भाषा पर मजबूत पकड़, मधुर आवाज और चुटीले अंदाज ने उन्हें पत्रकारिता जगत में विशिष्ट पहचान दिलाई थी। वे अपनी हाजिरजवाबी से गंभीर माहौल को भी सहज बना देते थे। उनके व्यक्तित्व में गंभीर पत्रकारिता और विनोदप्रियता का अनूठा संगम था।
पत्रकारों ने साझा किए आत्मीय संस्मरण
वरिष्ठ पत्रकार बाबूलाल शर्मा ने विकल्प शुक्ला को याद करते हुए कहा कि वे बेहद सहज, सरल और आत्मीय व्यक्तित्व के धनी थे। अपने कार्य के प्रति उनकी गंभीरता और लोगों से व्यवहार में अपनापन उनकी विशेष पहचान थी। पत्रकार अनिरुद्ध दुबे ने उनके साथ काम करने के अनुभव साझा करते हुए कहा कि विकल्प शुक्ला की समाचारों की बारीकियों को समझने की क्षमता उल्लेखनीय थी। वे अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाते थे। उन्होंने विकल्प शुक्ला की संगीत और अभिनय के प्रति रुचि को भी याद किया और कहा कि ऐसी बहुमुखी प्रतिभा वाले पत्रकार विरले ही होते हैं। स्वर्गीय विकल्प शुक्ला के अभिन्न मित्र एजाज केसर ने कहा कि उनकी पहचान केवल एक कुशल समाचारकर्मी की नहीं थी। वे अपनी चुटीली बातों और हाजिरजवाबी से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का हुनर रखते थे। उनके साथ बिताए गए पल हमेशा याद आएंगे।
‘विकल्प का कोई विकल्प नहीं’
वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश चंद होता ने कहा कि विकल्प शुक्ला समाचारों की गहरी समझ रखने वाले अनुभवी मीडियाकर्मी थे। हिंदी भाषा पर उनकी मजबूत पकड़, शब्दों का सटीक चयन और खबरों को समझने का विशिष्ट नजरिया उन्हें अलग पहचान देता था। उनकी मधुर आवाज भी उनके व्यक्तित्व की विशेष खूबी थी। वरिष्ठ पत्रकार विभाष झा ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि ‘विकल्प का कोई विकल्प नहीं।’ उन्होंने कहा कि विकल्प शुक्ला ने समाचारों की समझ से अपनी पहचान बनाई और आवाज के माध्यम से अलग मुकाम हासिल किया। वे अपने सहकर्मियों के साथ पारिवारिक संबंध स्थापित कर लेते थे। यही आत्मीयता उन्हें हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रखेगी। पत्रकार शगुफ्ता शिरीन, सोमा सेनगुप्ता और राहुल सिन्हा ने भी विकल्प शुक्ला से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विकल्प शुक्ला का व्यक्तित्व बहुआयामी था। समाचारों के साथ-साथ संगीत, अभिनय, कला और संस्कृति के प्रति उनका गहरा लगाव था।
प्रेस क्लब परिवार ने खोया आत्मीय साथी: मोहन तिवारी
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि विकल्प शुक्ला प्रेस क्लब परिवार के बेहद आत्मीय सदस्य थे। उनकी सहजता, सौम्यता और प्रतिभा हमेशा याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकल्प शुक्ला खबरों की गहरी समझ रखने वाले कुशल मीडियाकर्मी होने के साथ-साथ खुशमिजाज और मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी चुटीली बातें किसी भी महफिल में मुस्कान बिखेर देती थीं। संगीत और कला के प्रति अनुराग, भाषा पर मजबूत पकड़ और मधुर आवाज उन्हें विशिष्ट बनाती थी। मोहन तिवारी ने कहा कि प्रेस क्लब परिवार ने एक ऐसा साथी खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित रहे पत्रकार
श्रद्धांजलि सभा में रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े एवं निवेदिता साहू, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक सहित वरिष्ठ पत्रकार विजय मिश्रा, उमेश मिश्रा, सुकांत राजपूत, प्रफुल्ल ठाकुर, मनीष वोरा, सनत तिवारी, प्रदीप चंद्रवंशी, बल्ला तिवारी, काशी प्रसाद, विकास शर्मा, राहुल चौबे, कमलाकांत और मधुमिता राव उपस्थित रहे। इसके अलावा आकाशवाणी और दूरदर्शन के कर्मचारियों, विकल्प शुक्ला के परिजनों तथा प्रेस क्लब के अनेक सदस्यों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विकल्प शुक्ला को नमन किया और शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि विकल्प शुक्ला भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी मधुर आवाज, समाचारों की गहरी समझ, चुटीला अंदाज और आत्मीय व्यवहार पत्रकारिता जगत की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगा।