राजनांदगांव में शहीद एसपी विनोद चौबे समेत 30 वीर जवानों को श्रद्धांजलि

छग

Update: 2026-07-12 08:35 GMT
Rajnandgaon. राजनांदगांव। राजनांदगांव में 12 जुलाई 2009 को मानपुर क्षेत्र में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार चौबे समेत 30 वीर पुलिस जवानों की शहादत को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उनकी शहादत की बरसी पर शनिवार को पुलिस लाइन राजनांदगांव में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, शहीद परिवारों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लेकर वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में अविभाजित राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित मानपुर क्षेत्र के कोरकोट्टी, सीतागांव और मदनवाड़ा में नक्सलियों के हमले में शहीद हुए तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे सहित अन्य पुलिस जवानों के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी वीरता और बलिदान को नमन किया गया।

शहीदों की कुर्बानी को याद रखने का संदेश
श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय एसपी विनोद कुमार चौबे की पत्नी रंजना चौबे भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके लिए बेहद भावुक होने के साथ-साथ गर्व का भी दिन है। उन्होंने कहा कि देश और समाज की रक्षा के लिए शहीद हुए जवानों की कुर्बानी को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखें। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और विकास का वातावरण बना है और हिंसा व भय का दौर काफी हद तक समाप्त हो चुका है। उनका विश्वास है कि शांति के इस माहौल में प्रदेश और अधिक प्रगति करेगा।

सांसद संतोष पांडे ने शहीदों को किया नमन
कार्यक्रम में उपस्थित सांसद संतोष पांडे ने भी वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 की तुलना में आज छत्तीसगढ़ में काफी बदलाव आया है। उनके अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास कार्यों को गति मिली है।

2009 का मदनवाड़ा हमला आज भी यादगार
12 जुलाई 2009 को तत्कालीन राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस बल पर बड़ा हमला किया था। इस हमले में तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे सहित कुल 30 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यह घटना छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक मानी जाती है और आज भी प्रदेश के पुलिस इतिहास में वीरता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। हर वर्ष इस दिन पुलिस विभाग और प्रशासन की ओर से शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, ताकि उनके अदम्य साहस और बलिदान को सम्मान दिया जा सके।

बड़ी संख्या में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और नागरिक
श्रद्धांजलि सभा में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, नगर निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम, सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा शहीद परिवारों, पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लेकर वीर जवानों के बलिदान को याद किया।

शहादत से मिलती है राष्ट्रसेवा की प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शहीदों का बलिदान देश और समाज के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस बल ने कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि सभा का समापन दो मिनट का मौन रखकर और सभी वीर शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ किया गया। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि शहीदों की वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना को सदैव स्मरण रखा जाएगा।
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