Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। खरसिया वन परिक्षेत्र में जंगली सुअर का शिकार करने के आरोप में वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने एक युवक को पकड़ा है। शुक्रवार सुबह मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने ग्राम कुकड़ीचोली में दबिश दी। इस दौरान युवक अपने घर में कथित रूप से जंगली सुअर का मांस पकाते हुए मिला। वन विभाग ने मौके से पका हुआ मांस जब्त कर युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने 8 से 10 साथियों के साथ मिलकर बारूद के गोले का इस्तेमाल कर जंगली सुअर का शिकार करने की बात स्वीकार की है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि खरसिया वन परिक्षेत्र के जंगल में कुछ लोगों ने जंगली सुअर का अवैध शिकार किया है। सूचना में यह भी बताया गया कि ग्राम कुकड़ीचोली निवासी विजय राठिया अपने घर में शिकार किए गए जंगली सुअर का मांस पका रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उड़नदस्ता टीम तत्काल सक्रिय हुई। सहायक प्रभारी संदीप नामदेव, सोमेश टोप्पो और अन्य कर्मचारियों की टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर जांच शुरू की। टीम जब विजय राठिया के घर पहुंची, तो वहां मांस पकाया जा रहा था।
वन विभाग के अनुसार, जांच के दौरान घर में मौजूद युवक की पहचान विजय राठिया (24 वर्ष), निवासी ग्राम कुकड़ीचोली के रूप में हुई। टीम ने मौके से पका हुआ मांस जब्त किया और युवक को हिरासत में लेकर खरसिया रेंज कार्यालय पहुंचाया। रेंज कार्यालय में पूछताछ के दौरान युवक ने शिकार की घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। वन विभाग के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि उसने अपने करीब 8 से 10 साथियों के साथ मिलकर खरसिया वन परिक्षेत्र के जंगल में जंगली सुअर का शिकार किया था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि शिकार के लिए बारूद के गोले का इस्तेमाल किया गया था। इस जानकारी के बाद वन विभाग ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शिकार में शामिल अन्य लोग कौन हैं और घटना में उनकी क्या भूमिका रही। वन विभाग की टीम आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है। शिकार में शामिल बताए जा रहे लोगों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए पतासाजी की जा रही है। हालांकि, अन्य आरोपियों के पकड़े जाने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि खरसिया वन परिक्षेत्र में दो दिन पहले भी जंगली जानवरों के शिकार की सूचना मिली थी। उस समय भी वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर जांच की थी, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसके बाद शुक्रवार को मिली नई सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में एक युवक को पकड़ने में सफलता मिली। अब वन विभाग यह भी जांच कर सकता है कि पहले मिली सूचना और वर्तमान घटना के बीच कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, दोनों घटनाओं के आपस में जुड़े होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वन्यजीवों के शिकार के लिए विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल बेहद खतरनाक माना जाता है। इससे वन्यजीवों के साथ जंगल में मौजूद अन्य जानवरों और आसपास के लोगों की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में विस्फोटक सामग्री के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़ी परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होती है। वन विभाग ने आरोपी विजय राठिया के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 51 और 52 के तहत वन अपराध प्रकरण (POR) दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। फिलहाल उड़नदस्ता टीम शिकार में शामिल अन्य लोगों की तलाश और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। जब्त मांस की जांच तथा अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।