गांधीनगर। गुजरात सरकार ने जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में राज्य सरकार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में आठ दिवसीय अंतरराष्ट्रीय रोडशो सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस दौरान निवेश, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।गुजरात के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 26 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक दोनों देशों का दौरा किया। इस दौरान 11 व्यक्तिगत बैठकें, चार मंत्रीस्तरीय चर्चाएं और आठ क्षेत्र-विशेष गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में उद्योग, व्यापार और सरकारी क्षेत्रों के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने छह औद्योगिक एवं संस्थागत स्थलों का दौरा किया और भारतीय तथा गुजराती समुदायों के साथ तीन संवाद कार्यक्रम भी किए।
प्रतिनिधिमंडल में गुजरात के राज्य कर मुख्य आयुक्त रूपवंत सिंह और भूविज्ञान एवं खनन आयुक्त धवल पटेल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। निजी क्षेत्र से शक्ति ग्रुप के श्रेयांस गोयल, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मेहुल वैद्य, एलेक्सियस प्रोजेक्ट्स के मिलन ठक्कर और हिंदुस्तान मैग के हर्षिल तमकुवाला ने भी भागीदारी की।ऑस्ट्रेलिया में प्रतिनिधिमंडल ने 26 से 30 अक्टूबर के बीच मेलबर्न, सिडनी और ब्रिस्बेन का दौरा किया। यहां विभिन्न कंपनियों, निवेशकों और संस्थानों के साथ नौ व्यक्तिगत बैठकें हुईं। इनमें कैवेंडिश रिन्यूएबल टेक्नोलॉजी, कॉक्स आर्किटेक्चर, इनिशिएटिव स्पोर्ट्स एंड इवेंट्स, ऑस एनर्जी स्टोर और सेंटर फॉर ऑस्ट्रेलिया-इंडिया रिलेशंस जैसे संस्थान शामिल रहे।इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य गुजरात में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं को सामने रखना और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ संभावित साझेदारी के अवसर तलाशना था। विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला, खेल बुनियादी ढांचे और तकनीकी नवाचार से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने न्यू साउथ वेल्स के मंत्री अनूलैक चांथिवोंग सहित अन्य राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकें कीं। विभिन्न औद्योगिक संगठनों की ओर से आयोजित गोलमेज चर्चाओं में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में खेल आयोजन, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और नवाचार आधारित उद्यमिता जैसे विषय प्रमुख रहे।सिडनी में आयोजित दूसरे ऑस्ट्रेलिया-भारत बिजनेस मीट 2026 में भी प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग और नए निवेश अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। ब्रिस्बेन में क्वींसलैंड सरकार के प्रतिनिधियों के साथ ऊर्जा, संसाधन और खेल सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई। वर्ष 2032 में ब्रिस्बेन में प्रस्तावित ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों से संबंधित बुनियादी ढांचे के अनुभवों पर भी बातचीत की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने मोनाश विश्वविद्यालय, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड, मार्वल स्टेडियम और गाबा स्टेडियम का दौरा किया। इन यात्राओं का उद्देश्य शिक्षा, खेल प्रबंधन और आधुनिक बुनियादी ढांचे से जुड़े अनुभवों को समझना था। मेलबर्न और ब्रिस्बेन में भारतीय तथा गुजराती समुदाय के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें वाइब्रेंट गुजरात समिट 2027 में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया।ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रतिनिधिमंडल 1 और 2 नवंबर को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचा। यहां कॉन्टैक्ट एनर्जी और सर्विस फूड्स जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें हुईं। इसके अलावा न्यूजीलैंड के स्वास्थ्य, ऊर्जा और सरकारी उद्यम मंत्री सिमियन ब्राउन के साथ मंत्रीस्तरीय चर्चा आयोजित की गई।न्यूजीलैंड में इंडिया न्यूजीलैंड बिजनेस काउंसिल और इंडिया न्यूजीलैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से दो गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में 50 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा में नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी भंडारण, लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने न्यूजीलैंड में कॉन्टैक्ट एनर्जी के ग्लेनब्रुक ओहुरुआ बैटरी प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना बड़े पैमाने पर बिजली भंडारण से जुड़ी है। गुजरात के ऊर्जा क्षेत्र के विकास के संदर्भ में इस तरह की तकनीकों और परियोजनाओं को समझना प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। ऑकलैंड में भारतीय और गुजराती समुदाय के लोगों के साथ भी संवाद किया गया।;गुजरात सरकार की यह पहल अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और औद्योगिक संगठनों तक पहुंच बढ़ाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के आगामी संस्करण से पहले राज्य सरकार विभिन्न देशों में रोडशो और बैठकों के माध्यम से निवेश की संभावनाओं को प्रस्तुत कर रही है।वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का 11वां संस्करण 10 से 12 जनवरी 2027 तक गांधीनगर के महात्मा मंदिर में आयोजित किया जाएगा। इस बार सम्मेलन की थीम 'विकसित गुजरात—शेपिंग ग्लोबल फ्यूचर' रखी गई है। वर्ष 2003 में शुरू हुआ यह आयोजन निवेश प्रोत्साहन, व्यावसायिक संपर्क और औद्योगिक सहयोग के लिए गुजरात सरकार का प्रमुख मंच है।ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में संपन्न रोडशो के माध्यम से गुजरात सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, निवेशकों और संस्थानों के साथ संवाद बढ़ाया है। हालांकि, इन बैठकों से जुड़े किसी निश्चित निवेश समझौते या निवेश राशि की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है। आगामी सम्मेलन में इन चर्चाओं से नए औद्योगिक सहयोग और साझेदारी के अवसर विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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