अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने विदेशियों को कथित तौर पर निशाना बनाकर चलाए जा रहे एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस कार्रवाई में 38 वर्षीय महेश श्रीचंद श्रॉफ को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह शहर के एक रिहायशी फ्लैट से कॉल सेंटर संचालित कर रहा था और इसके जरिए विदेशी नागरिकों को फोन कर ठगी करने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, यह अवैध कॉल सेंटर काफी समय से संचालित किया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उस स्थान पर छापा मारा, जहां से कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। जांच के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई, जिनकी जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने रिहायशी इलाके में एक फ्लैट को कॉल सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया था। सामान्य आवासीय परिसर में इस तरह की गतिविधि संचालित किए जाने से आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कॉल सेंटर का मुख्य निशाना विदेशी नागरिक थे। ऐसे मामलों में अक्सर विदेशों में रहने वाले लोगों को फोन कर विभिन्न तरीकों से फंसाने की कोशिश की जाती है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि आरोपी किस तरह के कॉल करता था, किन देशों के लोगों को संपर्क किया जाता था और उससे कितने लोगों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है।
आरोपी महेश श्रॉफ से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या वह अकेले इस गतिविधि को चला रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। साथ ही, कॉल सेंटर के जरिए की गई संभावित ठगी और आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
अहमदाबाद सहित देश के कई शहरों में समय-समय पर ऐसे अवैध कॉल सेंटरों का खुलासा होता रहा है। अपराधी अक्सर तकनीक का इस्तेमाल कर विदेशों में बैठे लोगों को निशाना बनाते हैं। वे खुद को किसी कंपनी, बैंक, सरकारी संस्था या तकनीकी सहायता केंद्र का कर्मचारी बताकर लोगों से जानकारी हासिल करने या पैसे लेने की कोशिश करते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध कॉल से सावधान रहें और अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।
इस मामले में पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की किसी अवैध गतिविधि में शामिल रहा है।
रिहायशी क्षेत्र से अवैध कॉल सेंटर संचालित होने की घटना ने एक बार फिर साइबर अपराधों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का मानना है कि ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर निगरानी और लोगों की सतर्कता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और आगे की जांच के आधार पर इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और तकनीक का दुरुपयोग कर लोगों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अहमदाबाद में हुई यह कार्रवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।