गिरनार पर्वत की सीढ़ियों पर फिर दिखे तीन शेर, वन विभाग अलर्ट; श्रद्धालुओं के लिए जारी की गई एडवाइजरी

Update: 2026-07-31 12:50 GMT

गुजरात: जूनागढ़ स्थित प्रसिद्ध गिरनार पर्वत पर एक बार फिर शेरों की मौजूदगी से वन विभाग सतर्क हो गया है। देर रात करीब तीन बजे गिरनार की नई सीढ़ी के 50वें पायदान के पास तीन नर शेर दिखाई दिए। शेरों के सीढ़ी मार्ग के नजदीक पहुंचने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और खोज दल तुरंत मौके पर पहुंचे और इलाके की निगरानी शुरू कर दी।

अधिकारियों ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाते हुए तीनों शेरों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर भेज दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालांकि, शेरों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने गिरनार पर्वत क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।

गिरनार पर्वत गुजरात के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहाड़ पर स्थित धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। ऐसे में सीढ़ी मार्ग पर वन्यजीवों की आवाजाही सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन जाती है।

इससे पहले भी गिरनार यात्रा के दौरान शेर के हमले की घटना सामने आ चुकी है। कुछ दिन पहले एक 11 वर्षीय बच्चे पर शेर ने हमला कर दिया था। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। बाद में वन विभाग ने अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों के साथ सीढ़ी मार्ग से यात्रा फिर शुरू कराई थी।

वर्तमान में गिरनार पर्वत पर रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे समय में एक बार फिर तीन शेरों के सीढ़ियों के पास दिखाई देने से प्रशासन और वन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घटना के बाद वन विभाग ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यदि कहीं शेर या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे तो घबराएं नहीं और तुरंत इसकी सूचना नजदीकी वन अधिकारी या ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को दें।

वन विभाग ने खास तौर पर सुबह जल्दी और देर रात यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि इन समयों में वन्यजीवों की गतिविधियां अधिक रहती हैं, इसलिए श्रद्धालु अकेले यात्रा करने से बचें और समूह में ही पहाड़ की चढ़ाई करें।

इसके अलावा वन विभाग ने लोगों से गिरनार की सीढ़ियों और आसपास के क्षेत्रों में भोजन, प्रसाद या अन्य खाद्य सामग्री नहीं फेंकने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, खाने की वस्तुएं जंगली जानवरों को इंसानी गतिविधियों वाले इलाकों की ओर आकर्षित कर सकती हैं। इससे वन्यजीवों और इंसानों के बीच टकराव की संभावना बढ़ जाती है।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गिरनार क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। शेरों को उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रखना और यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही हैं ताकि गिरनार यात्रा बिना किसी बाधा के सुरक्षित तरीके से जारी रह सके।

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