कैथल में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई, पांच एकड़ जमीन पर बनी सड़कें और डीपीसी ध्वस्त
कैथल। जिला नगर योजनाकार (DTP) कार्यालय कैथल की टीम ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने पट्टी गादड़ क्षेत्र में करीब पांच एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन की मदद से अवैध रूप से बनाई गई डीपीसी (DPC) और कच्ची सड़कों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मच गया।
अभियान के दौरान पशुपालन विभाग कैथल के उप निदेशक डॉ. सूर्य खटकड़ ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी में जिला नगर योजनाकार विभाग की टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
जिला नगर योजनाकार प्रवीण कुमार ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि पट्टी गादड़ क्षेत्र में कुछ भू-मालिकों द्वारा बिना किसी विभागीय अनुमति के अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि करीब पांच एकड़ भूमि पर सड़कें बनाकर प्लॉटिंग करने की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए न तो संबंधित विभाग से अनुमति ली गई थी और न ही नियमों के अनुसार कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया अपनाई गई थी।
सूचना मिलने के बाद विभाग ने मामले की जांच की और अवैध गतिविधियों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और अवैध निर्माणों को हटाने का काम शुरू किया।
कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन से मौके पर बनाई गई कच्ची सड़कों और डीपीसी को तोड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि अवैध कॉलोनी निर्माण के लिए किए जा रहे विकास कार्यों को रोकना जरूरी था, ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला नगर योजनाकार विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी जमीन में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच जरूर करें। बिना मंजूरी वाली कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से लोगों को भविष्य में कानूनी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की ओर से समय-समय पर ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर कार्रवाई की जाती है, जहां नियमों के खिलाफ निर्माण कार्य किए जा रहे हैं।
DTP कार्यालय की टीम ने बताया कि कॉलोनी विकसित करने के लिए सरकार द्वारा तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति के जमीन पर प्लॉट काटना और सड़क बनाना गैरकानूनी गतिविधि के अंतर्गत आता है।
अधिकारियों ने कहा कि ऐसी अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी बाद में मूलभूत सुविधाओं की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि वहां विकास कार्यों के लिए जरूरी स्वीकृतियां नहीं होतीं।
कैथल प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित करने वालों पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण शहर और आसपास के क्षेत्रों की योजनाबद्ध विकास व्यवस्था प्रभावित होती है।
जिला नगर योजनाकार विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी जगहों पर नजर रखी जाएगी और जहां भी अवैध निर्माण या कॉलोनी विकसित करने की जानकारी मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पट्टी गादड़ में की गई कार्रवाई के बाद अवैध कॉलोनी विकसित करने की कोशिश पर रोक लग गई है। विभाग आगे भी ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रखने की तैयारी में है।