मकान निर्माण के विवाद में रिश्तेदारों से मारपीट, घर में घुसकर जान से मारने की धमकी
पलवल। रसूलपुर रोड स्थित झावर नगर में मकान निर्माण को लेकर पड़ोसी और मकान मालिक के बीच चल रहे विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब तीज का सामान लेकर घर आए रिश्तेदारों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। आरोप है कि पड़ोसी ने घर में घुसकर रिश्तेदारों के साथ मारपीट करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झावर नगर निवासी लेखराज गोयल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रसूलपुर रोड स्थित अपने मकान में दुकान के ऊपर मकान का निर्माण करा रहे हैं। उनके अनुसार, उनके पड़ोसी ललित मित्तल को मकान निर्माण पर आपत्ति थी और वह निर्माण का विरोध कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
तीज का सामान लेकर आए थे रिश्तेदार
शिकायतकर्ता के अनुसार सात अगस्त की रात उनके बेटे दीपक गोयल के साले रितेश और मनोज पुन्हाना से तीज का सामान लेकर उनके घर आए हुए थे। दोनों रिश्तेदार घर पर पहुंचे ही थे कि मकान निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के कारण पड़ोसी पक्ष से कहासुनी हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद ललित मित्तल उनके घर में घुस आया और रिश्तेदारों के साथ मारपीट की। अचानक हुए विवाद के कारण परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोपित पर घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
परिवार के लोगों ने घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर घटना से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू की। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए देखी गई।
निर्माण को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
शिकायतकर्ता लेखराज गोयल के मुताबिक विवाद की शुरुआत मकान निर्माण को लेकर हुई थी। वह अपनी दुकान के ऊपर मकान का निर्माण करा रहे थे। पड़ोसी ललित मित्तल इस निर्माण का विरोध कर रहा था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
परिवार का आरोप है कि निर्माण संबंधी विवाद के कारण ही उनके घर आए रिश्तेदारों के साथ मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज की भी जांच
घटना के बाद पुलिस ने केवल शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई नहीं की, बल्कि मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की। फुटेज और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच से घटना के दौरान क्या हुआ और विवाद किस तरह बढ़ा, इसकी जानकारी जुटाने में पुलिस को मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
घर में घुसकर धमकी देने का आरोप
शिकायत में आरोपित पर घर में घुसकर मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इस आरोप को लेकर भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच किस तरह की कहासुनी हुई और उसके बाद विवाद कैसे बढ़ा।
पुलिस मामले में शामिल लोगों के बयान भी दर्ज कर सकती है। इसके अलावा घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सके।
परिवार में दहशत का माहौल
घटना के बाद लेखराज गोयल के परिवार में दहशत का माहौल है। परिवार का कहना है कि घर पर आए रिश्तेदारों के साथ मारपीट और घर में घुसकर धमकी दिए जाने से वे परेशान हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और आरोपित के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
मकान निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच चुका है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच तनाव को देखते हुए पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद ललित मित्तल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल झावर नगर में मकान निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट और धमकी के आरोपों तक पहुंच गया है। तीज का सामान लेकर पुन्हाना से आए रिश्तेदारों के साथ कथित मारपीट की घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामला दर्ज होने से अब पूरे प्रकरण की जांच पुलिस के हाथ में है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना से जुड़े अन्य तथ्य और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।