हिसार : हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा कस्बे में किसानों को सरकारी निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर यूरिया खाद बेचने और उसके साथ जबरन दूसरे उत्पाद टैग करने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री उड़नदस्ता यानी सीएम फ्लाइंग और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार 11 अगस्त को अग्रोहा स्थित ‘मैं किसान सेवा केंद्र’ नाम की खाद-बीज की दुकान पर अचानक छापेमारी की। जांच के दौरान टीम को यूरिया की बिक्री में तय नियमों के उल्लंघन समेत कई अनियमितताएं मिलीं। कार्रवाई के बाद टीम ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अग्रोहा पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
बताया गया कि सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम में कृषि विभाग की क्यूसीआई डॉ. प्रियंका और एसडीओ अजीत के अलावा पुलिस विभाग के सब इंस्पेक्टर कृष्ण, एएसआई सुरेंद्र, हेड कांस्टेबल विजय और कांस्टेबल भूपेंद्र शामिल रहे। अधिकारियों को पहले से सूचना मिल रही थी कि अग्रोहा का एक खाद विक्रेता किसानों को यूरिया सरकारी निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेच रहा है। इसके साथ ही किसानों पर दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है।
शिकायत की वास्तविकता जांचने के लिए सीएम फ्लाइंग और कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने पहले एक व्यक्ति को बोगस ग्राहक बनाकर खाद की दुकान पर भेजा। अधिकारियों के मुताबिक, बोगस ग्राहक ने दुकान पर जाकर यूरिया खाद खरीदने की बात कही। इस दौरान दुकानदार ने उसे एक यूरिया बैग 267 रुपये के सरकारी निर्धारित मूल्य के बजाय 280 रुपये में दिया। इतना ही नहीं, यूरिया के साथ एक अन्य उत्पाद भी जबरन टैग कर खरीदने के लिए कहा गया। इससे टीम को शुरुआती सूचना सही होने के संकेत मिले और इसके बाद अधिकारियों ने तत्काल दुकान पर छापेमारी कर दी।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकान और गोदाम में मौजूद खाद के स्टॉक की जांच की। इसके अलावा बिक्री रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाला गया। टीम ने दुकानदार से खाद की खरीद और बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी ली और स्टॉक का मिलान किया। जांच के दौरान एक किसान ने भी अधिकारियों के सामने शिकायत रखी कि उससे यूरिया की निर्धारित कीमत से अधिक रकम वसूली गई है।
किसान के मुताबिक, उसे एक यूरिया बैग के लिए सरकार द्वारा निर्धारित 267 रुपये के बजाय 300 रुपये का भुगतान करना पड़ा। किसान ने कथित तौर पर अधिक कीमत वसूले जाने से संबंधित दस्तावेज और प्रमाण भी जांच टीम को उपलब्ध कराए। इसके बाद अधिकारियों ने दुकान के रिकॉर्ड और स्टॉक का मिलान किया। कृषि विभाग और सीएम फ्लाइंग के अधिकारियों के अनुसार, जांच में यूरिया की बिक्री से जुड़े नियमों का उल्लंघन सामने आया और कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं।
कार्रवाई के दौरान दुकान से जुड़े गोदाम में बड़ी मात्रा में यूरिया खाद का स्टॉक भी मिला। अधिकारियों के मुताबिक, गोदाम में 5 हजार से अधिक बैग यूरिया मौजूद था। इतनी बड़ी मात्रा में खाद का स्टॉक मिलने के बाद टीम ने उसके रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया। अधिकारियों ने यह भी जांच की कि दुकान संचालक ने खाद किस मात्रा में खरीदी और किसानों को कितनी मात्रा में बेची। इसके साथ ही बिक्री के दौरान निर्धारित मूल्य का पालन किया गया या नहीं, इसकी भी जांच की गई।
सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज की इंचार्ज सुनैना के मुताबिक, सरकार किसानों को सब्सिडी के माध्यम से यूरिया और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती के लिए जरूरी खाद उचित और निर्धारित कीमत पर उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि कोई विक्रेता किसानों से अधिक कीमत वसूलता है या किसी अन्य उत्पाद को जबरन खाद के साथ जोड़कर बेचता है तो यह नियमों का उल्लंघन है।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त टीम ने पूरे मामले की जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के साथ अग्रोहा पुलिस को लिखित शिकायत सौंप दी है। पुलिस अब शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।
इस कार्रवाई के बाद अग्रोहा क्षेत्र में खाद-बीज विक्रेताओं के बीच भी हलचल मच गई है। किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में यूरिया और अन्य उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में निर्धारित कीमत से अधिक रकम वसूलने या जरूरत के दूसरे उत्पाद जबरन खरीदने के लिए मजबूर करने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों को उम्मीद है कि खाद की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और निर्धारित कीमत से अधिक वसूली पर रोक लगेगी।