एक बर्खास्त असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), रणबीर सिंह पर आरोप है कि उसने डायबिटीज से जुड़ी बीमारी के इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाए जाने के दौरान सिरसा जेल में नशीले पदार्थ की तस्करी करने की कोशिश की। बुधवार को अस्पताल से लौटने के बाद जब जेल स्टाफ ने तलाशी ली, तो उन्हें 17 ग्राम एक काला पदार्थ मिला, जिसके अफीम होने का शक है। आरोप है कि पकड़े जाने से बचने के लिए सिंह ने इस पदार्थ को जेल के बाथरूम में छिपाने की कोशिश की थी।
सूत्रों के मुताबिक, सिंह ने हाई ब्लड शुगर की शिकायत की थी, जिसके बाद जेल प्रशासन उसे अस्पताल ले गया। ऐसी भी चर्चा है कि अस्पताल ले जाते समय उसकी पत्नी उससे मिली थी, हालांकि अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि उसे यह नशीला पदार्थ कहां से मिला। जेल प्रशासन ने इस बरामदगी की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक सहारण ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक DSP को नियुक्त किया गया है। पुलिस सिंह की रिमांड मांगेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पदार्थ उस तक कैसे पहुंचा और क्या इसमें कोई और भी शामिल है।
गौरतलब है कि सिंह पहले से ही एक बड़े ड्रग मामले में आरोपी है। जून 2026 में NH-9 पर भावदीन टोल प्लाजा के पास एक ट्रक से 90.97 किलोग्राम अफीम जब्त की गई थी। करीब 4.5 करोड़ रुपये कीमत की यह खेप ट्रक में बनाए गए एक गुप्त खाने में छिपाई गई थी। बाद की जांच में पुलिस को पता चला कि स्टोरहाउस के स्टॉक से लगभग 1.03 किलोग्राम अफीम गायब थी। उस समय डिंग पुलिस स्टेशन में ASI के पद पर तैनात सिंह पर आरोप लगा कि उसने गायब हुई अफीम का कुछ हिस्सा अपने पास रख लिया और बाकी हिस्सा अपने परिचित शमशेर (जो फतेहाबाद का रहने वाला है) को दे दिया। बाद में पुलिस ने शमशेर को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 58 ग्राम अफीम बरामद की। इसके बाद सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
Tags: