सिरसा। शहर की अदालत में बुधवार को नशा तस्करी के मामले में पेशी के लिए लाया गया एक आरोपित पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करने लगा। आरोपित ने अदालत परिसर के प्रथम तल की गैलरी में लगी शीशे की खिड़की को टक्कर मारकर बाहर छलांग लगा दी। हालांकि, पुलिस कर्मचारियों ने तुरंत पीछा कर उसे वकीलों के चैंबर के पास से पकड़ लिया।

घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपित के खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करने के मामले में सिविल लाइन थाना में अलग से केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

जानकारी के अनुसार, नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपित दीपक मातो उर्फ नंदू को बुधवार को अदालत में पेश करने के लिए लाया गया था। आरोपित बिहार के पूर्णिया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और वर्तमान में सिरसा के चंडीगढ़िया मोहल्ला की गली नंबर एक में रह रहा था।

सब्जी मंडी चौकी में तैनात एएसआई प्रवीन कुमार ने हुड्डा चौकी प्रभारी को दी शिकायत में बताया कि बुधवार करीब साढ़े तीन बजे वह पुलिस टीम के साथ आरोपित को अदालत में पेश करने पहुंचे थे। दीपक मातो के खिलाफ थाना शहर सिरसा में 11 अगस्त को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, अदालत में पेशी की प्रक्रिया के दौरान अचानक आरोपित ने भागने का प्रयास किया। उसने अदालत भवन के प्रथम तल की गैलरी में पहुंचकर वहां लगी शीशे की खिड़की को जोर से टक्कर मार दी और खिड़की से बाहर छलांग लगा दी।

अचानक हुई इस घटना से अदालत परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपित का पीछा शुरू किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने उसे वकीलों के चैंबर के पास से पकड़ लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपित को दोबारा हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ हिरासत से भागने के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।

घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अदालतों में पेशी के दौरान आरोपितों की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की जाती है, लेकिन इस तरह की घटना सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को सामने लाती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जाएगा कि आरोपित ने भागने की योजना कैसे बनाई। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि घटना के समय सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।

नशा तस्करी के मामलों में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में आरोपितों को अदालत में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है। इसी प्रक्रिया के दौरान यह घटना सामने आई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अदालत परिसर में सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग, वकील और पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। ऐसे में किसी आरोपित का इस तरह भागने का प्रयास चिंता का विषय है।

पुलिस ने बताया कि आरोपित के खिलाफ पहले से दर्ज नशा तस्करी मामले की जांच भी जारी है। इसके अलावा अब भागने के प्रयास से जुड़े नए मामले में भी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल आरोपित पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Tags: