पंचकूला कॉलेज में शिक्षा मंत्री का सरप्राइज विजिट छात्रों ने रखी अपनी मांगें
पंचकूला : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने शनिवार को पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। शिक्षा मंत्री के अचानक कॉलेज पहुंचने से प्रशासनिक अधिकारियों और विद्यार्थियों में हलचल देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉलेज परिसर के अलग-अलग हिस्सों का जायजा लिया और विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, पाठ्यक्रमों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
शिक्षा मंत्री ने कॉलेज में मौजूद छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनसे बातचीत की और उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने विद्यार्थियों से यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें पढ़ाई के दौरान किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कॉलेज में उपलब्ध सुविधाएं उनके लिए पर्याप्त हैं या नहीं। इस दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री के सामने विभिन्न मांगें और समस्याएं रखीं।
विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बाद शिक्षा मंत्री ने मौके पर मौजूद कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों से जुड़ी समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कॉलेज प्रशासन को विद्यार्थियों की जरूरतों और शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहना होगा। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
औचक निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने कॉलेज में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग भी रखी। इनमें **शारीरिक शिक्षा में स्नातकोत्तर यानी M.P.Ed कोर्स शुरू करने की मांग प्रमुख रही।** विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री को बताया कि कॉलेज में यह कोर्स शुरू होने से खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को काफी लाभ मिल सकता है।
छात्रों की इस मांग को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने गंभीरता से सुना। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि M.P.Ed कोर्स शुरू करने की मांग पर सरकार उचित तरीके से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि यदि कॉलेज में यह पाठ्यक्रम शुरू होता है तो इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि खेल और शारीरिक शिक्षा युवाओं के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में खेल से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। M.P.Ed जैसे पाठ्यक्रम से उन युवाओं को भी फायदा होगा जो भविष्य में शारीरिक शिक्षा शिक्षक, प्रशिक्षक या खेल क्षेत्र से जुड़े अन्य पेशों में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
कॉलेज के विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने उन्हें नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने की सलाह भी दी। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा और समय का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के सामने आगे बढ़ने के लिए कई अवसर हैं और उन्हें अपनी क्षमता को पहचानते हुए अपने हुनर तथा कौशल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
मंत्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा देश और समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए उन्हें अपने भविष्य को लेकर गंभीर रहना चाहिए और ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए, जो उनके करियर और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
औचक निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कॉलेज की बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को साफ-सफाई, पीने के स्वच्छ पानी, लाइब्रेरी और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कॉलेज प्रशासन को इन व्यवस्थाओं पर नियमित रूप से निगरानी रखनी चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों को विद्यार्थियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने की सलाह दी। मंत्री ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को समय रहते समझकर उनका समाधान किया जाए, ताकि छोटी समस्याएं आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण न बनें। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को पढ़ाई के लिए बेहतर और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
शिक्षा मंत्री के इस औचक दौरे के दौरान विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर M.P.Ed कोर्स शुरू करने की मांग पर सरकार की ओर से सकारात्मक विचार का भरोसा मिलने से विद्यार्थियों को उम्मीद जगी है। अब कॉलेज के छात्र-छात्राओं की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इस मांग पर आगे क्या निर्णय लेती है।
कुल मिलाकर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा का पंचकूला के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का औचक निरीक्षण विद्यार्थियों की समस्याओं और कॉलेज की व्यवस्थाओं को लेकर रहा। उन्होंने जहां छात्रों की मांगें सुनीं, वहीं अधिकारियों को उनके समाधान के लिए जरूरी निर्देश दिए। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, कौशल, खेल और सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया।