पूर्व HSSC चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी की मुख्यमंत्री कार्यालय में एंट्री, नई भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज

Update: 2026-07-13 06:28 GMT

Haryana हरियाणा: कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के पूर्व चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय में एंट्री हो गई है। लंबे समय तक सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अहम पद पर रहने के बाद अब उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में जिम्मेदारी मिलने से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भोपाल सिंह खदरी ने 23 मार्च 2024 को अपना कार्यकाल पूरा होने से करीब आठ दिन पहले 15 मार्च 2024 को हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल पूरा होने में कुछ ही दिन बाकी थे, लेकिन उन्होंने समय से पहले पद छोड़ने का फैसला लिया था।

भोपाल सिंह खदरी की नियुक्ति हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल के कार्यकाल के दौरान हुई थी। उनके नेतृत्व में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को गति देने का काम किया था। उनके कार्यकाल में कई विभागों में भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।

खदरी के इस्तीफे के पीछे उस समय लोकसभा चुनाव की तैयारियों को भी एक कारण माना गया था। उस दौरान उनके लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा चल रही थी। हालांकि, बाद में उन्होंने चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय नई जिम्मेदारी संभालने का रास्ता चुना।

मूल रूप से यमुनानगर जिले के गांव खदरी के रहने वाले भोपाल सिंह खदरी का राजनीतिक अनुभव काफी पुराना है। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया के राजनीतिक सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन और प्रशासनिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन के तौर पर भोपाल सिंह खदरी का कार्यकाल खास तौर पर भर्तियों में तेजी के लिए जाना गया। उनके कार्यकाल में विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को तेज किया गया था।

राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच HSSC की भर्तियां हमेशा चर्चा का विषय रही हैं। आयोग के माध्यम से ग्रुप सी और अन्य पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में खदरी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई।

अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यालय में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक समझ के इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक समन्वय और संगठनात्मक कार्यों में उनके अनुभव का उपयोग किया जाएगा।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भोपाल सिंह खदरी लंबे समय से सरकार और संगठन के कामकाज से जुड़े रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी भूमिका सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकती है।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय में अनुभवी चेहरों को शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। भोपाल सिंह खदरी की नई जिम्मेदारी को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

खदरी के पास सरकारी भर्ती व्यवस्था की गहरी समझ है। ऐसे में युवाओं से जुड़े मुद्दों, रोजगार योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों में उनका अनुभव सरकार के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय में उनकी सटीक जिम्मेदारी और भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। लेकिन उनकी एंट्री के बाद यह साफ है कि सरकार उनके प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव का इस्तेमाल करना चाहती है।

भोपाल सिंह खदरी का सफर राजनीतिक सचिव से लेकर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन और अब मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा है। उनकी नई भूमिका पर आने वाले समय में सरकार के कामकाज और नीतियों में उनके योगदान पर नजर रहेगी।

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