फसल खरीद व्यवस्था के खिलाफ किसानों का गुस्सा, कार्यालय पर ताला
खरीद प्रक्रिया से नाराज किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय बंद किया
हिसार: फसल खरीद में कथित अनियमितताओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम कीमत पर फसल बिकने और खरीद प्रक्रिया में लागू शर्तों के विरोध में किसानों ने बुधवार को हिसार के मार्केट कमेटी कार्यालय पर तालाबंदी कर तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।
धरने की संयुक्त अध्यक्षता शमशेर नंबरदार और संदीप सिवाच ने की, जबकि मंच संचालन अभय राम फौजी और ईश्वर सुंडावास ने किया। किसान नेताओं ने कहा कि प्रदेशभर में मार्केट कमेटी कार्यालयों पर तीन घंटे की तालाबंदी कर सरकार तक किसानों की समस्याएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों से अपने मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया है।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मंडियों में धान और बाजरे की खरीद के दौरान किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि धान और बाजरे की खरीद पर प्रति एकड़ सीमा, जिलों से संबंधित शर्तों और पोर्टल के माध्यम से किसानों को परेशान किया जा रहा है। इसके अलावा फसल खरीद में अवैध कटौती का भी विरोध किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि धान और बाजरे की फसल क्रमशः 2,461 रुपये और 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के निर्धारित एमएसपी से कम कीमत पर बिकने के मामलों में किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसानों की फसल एमएसपी से नीचे बिक रही है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब में एमएसपी के मुद्दे पर समर्थन मांगती है, जबकि हरियाणा में किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने डीएपी और यूरिया खाद की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा खाद के साथ अनावश्यक सामान देने की व्यवस्था बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल की बिक्री और खाद की उपलब्धता के मामले में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को खरीद प्रक्रिया में लागू किसान विरोधी शर्तों को हटाकर किसानों को राहत देनी चाहिए।
प्रदर्शन में कमलादेवी, रमेश मिरकां, सुरेंद्र मान, बलराज मलिक, मेहर सिंह बांगड़, अनिल गोरछी, लक्ष्मण शाहपुर, रतन मात्रश्याम, ईश्वर नंबरदार मुकलान, बंसी भेरियां, राजकुमार भेरियां, राजकुमार दुर्जनपुर, राजबीर सरपंच, गोपाल नगंथला, महेंद्र नंबरदार, बबलू पूनिया, जगदीश सहारण, ललित डाबड़ा, वजीर पूनिया और राजेश लाडवा सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे।