गुरुग्राम। सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कंपनी में निवेश के बाद धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला सामने आया है। लुधियाना के एक कपड़ा कारोबारी की शिकायत पर सेक्टर-29 थाना पुलिस ने कंपनी के दो निदेशकों, एक निदेशक की पत्नी और बेटी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने कंपनी के पैसों के गबन, फर्जी बिलिंग, टैक्स चोरी और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता लुधियाना निवासी कारोबारी हैं और कई दशकों से कपड़े की जिप निर्माण के कारोबार से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी में करीब 75 लाख रुपये का निवेश किया था। निवेश के बाद कंपनी के संचालन और आर्थिक लेनदेन में कथित अनियमितताएं सामने आईं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने उनके निवेश का गलत इस्तेमाल किया और कंपनी के पैसों का गबन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी में फर्जी बिलिंग के जरिए वित्तीय अनियमितताएं की गईं और टैक्स चोरी भी की गई।

कारोबारी ने अपनी शिकायत में बताया कि निवेश के दौरान उन्हें कंपनी के कामकाज और मुनाफे को लेकर कई तरह के आश्वासन दिए गए थे। लेकिन बाद में उन्हें कंपनी के वित्तीय लेनदेन और खातों में गड़बड़ी की जानकारी मिली।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने कंपनी के निदेशकों से इस संबंध में जानकारी मांगी और हिसाब-किताब स्पष्ट करने को कहा तो उन्हें कथित रूप से धमकियां दी गईं। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के बाद सेक्टर-29 थाना पुलिस ने कंपनी के दो निदेशकों, एक निदेशक की पत्नी और बेटी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए कंपनी के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कंपनी के संचालन में वास्तव में कोई वित्तीय अनियमितता हुई थी या नहीं। इसके अलावा फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

शिकायतकर्ता कारोबारी ने पुलिस से मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि उन्होंने भरोसे के आधार पर कंपनी में बड़ी राशि निवेश की थी, लेकिन अब उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारिक क्षेत्र में निवेश से जुड़े विवादों के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, दस्तावेजों और साझेदारी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी होता है।

पुलिस ने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जाएगा।

कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि निवेश की गई राशि का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था। इसके अलावा कंपनी के खातों और लेनदेन में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है या नहीं, इसका पता लगाया जाएगा।

इस मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं, ताकि आरोपों की विस्तृत जांच की जा सके। वहीं आरोपित पक्ष का बयान भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा होगा।

फिलहाल सेक्टर-29 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

75 लाख रुपये के निवेश से जुड़े इस मामले ने औद्योगिक क्षेत्र में निवेश और व्यापारिक लेनदेन की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। कारोबारी समुदाय की नजर अब पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

 

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