डबवाली। हरियाणा के सिरसा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। स्टेट हाईवे नंबर-32 पर मटदादू से करीब 500 मीटर दूर भोभिया ढाणी के पास टाटा ऐस टेंपो और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में टाटा ऐस और बाइक चला रहे दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को डबवाली के उपमंडल नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पंजाब से मजदूरों को छोड़कर लौट रहा था टेंपो चालक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाटा ऐस चालक नरेंद्र शर्मा (30) पुत्र लाल बहादुर शास्त्री, निवासी खारियां गांव, मजदूरों को छोड़ने के लिए पंजाब गया हुआ था। वह गांव बड़ी बांगी में मजदूरों को छोड़कर वापस लौट रहा था। नरेंद्र शर्मा गांव मेहना खेड़ा स्थित वाटर वर्क्स में पानी की सप्लाई का काम भी करता था।बताया गया कि जब उसका टेंपो स्टेट हाईवे नंबर-32 पर मटदादू से करीब 500 मीटर दूर भोभिया ढाणी के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रही मोटरसाइकिल से उसकी टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के दौरान बाइक सीधे टाटा ऐस से जा भिड़ी। हादसे का प्रभाव इतना तेज था कि दोनों वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा और उनके चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
बाइक चालक की भी अस्पताल में मौत
इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल चला रहे व्यक्ति की पहचान रिंकू पुत्र रूपराम, निवासी मटदादू के रूप में हुई है। टक्कर के बाद रिंकू भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने राहत और बचाव के प्रयास किए।
टाटा ऐस में मौजूद रणवीर पुत्र श्रवण, निवासी केहरवाला ने बताया कि दुर्घटना के बाद दोनों वाहनों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी हालत को देखते हुए तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। स्थानीय स्तर पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करने का प्रयास किया गया।हालांकि, दोनों को बचाया नहीं जा सका। टाटा ऐस चालक नरेंद्र शर्मा ने अस्पताल पहुंचने के बाद दम तोड़ दिया, जबकि बाइक चालक रिंकू की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
फोन करने के बावजूद नहीं पहुंची एंबुलेंस
हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत महसूस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एंबुलेंस के लिए फोन किया गया और काफी देर तक इंतजार भी किया गया, लेकिन एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद डायल 112 की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अपनी गाड़ी से डबवाली के उपमंडल नागरिक अस्पताल पहुंचाने में मदद की।इस घटना के बाद आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सड़क दुर्घटना के दौरान शुरुआती कुछ मिनट घायल व्यक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में समय पर एंबुलेंस और चिकित्सा सहायता मिलना कई बार जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है।
एक हादसे ने बुझा दिए दो परिवारों के चिराग
इस दुर्घटना में दो लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद दोनों परिवारों में मातम छा गया। नरेंद्र शर्मा और रिंकू की असमय मौत से उनके परिजनों को गहरा सदमा लगा है। दोनों अपने परिवारों से जुड़े थे और उनकी मौत से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर दुख जताया जा रहा है। तेज रफ्तार और सड़क पर सावधानी नहीं बरतने के कारण होने वाली दुर्घटनाएं लगातार लोगों की जान ले रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के नियमों के पालन की जरूरत को सामने ला दिया है।
पुलिस ने शुरू की हादसे की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में मदद की। पुलिस ने दुर्घटना से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, दोनों वाहन किस दिशा से आ रहे थे और दुर्घटना के पीछे क्या कारण रहे, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।