Fatehabad फतेहाबाद की एक अदालत ने मंगलवार को संदीप उर्फ ​​बारू को अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोप में उम्रकैद की सज़ा सुनाई है। उसने जुलाई 2021 में महिला को नहर में धक्का देकर मार डाला था। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज नवेंदु जैन ने दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त कठोर सज़ा काटनी होगी। डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी देवेंद्र मित्तल के अनुसार, यह मामला 28 जुलाई 2021 को टोहाना सिटी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पीड़िता टोहाना में संदीप के साथ किराए के मकान में करीब छह-सात महीने से रह रही थी। उसके पति की मौत हो चुकी थी और उसके दो बच्चे थे - एक नाबालिग बेटा और एक बेटी। महिला शारीरिक रूप से दिव्यांग भी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, महिला के बेटे ने (जो उस समय लगभग 16 साल का था) पुलिस को बताया कि संदीप को उसकी माँ के चरित्र पर शक था और वह अक्सर इस बात को लेकर उसके साथ मारपीट करता था। 27 जुलाई 2021 को, संदीप कथित तौर पर महिला को बैंक से उसकी पेंशन के पैसे निकलवाने के बहाने अपनी मोटरसाइकिल पर ले गया। वह घर नहीं लौटी, जिसके बाद उसके बेटे ने उसे खोजना शुरू किया।
अगले दिन, लड़का पुलिस के पास गया और अपनी माँ को खोजने में मदद मांगी। जांच के दौरान, 28 जुलाई 2021 को डबवाली इलाके की एक नहर से महिला का शव बरामद किया गया। हत्या में संदीप की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर महिला को नहर में धक्का देने की बात कबूल कर ली, जिससे उसकी मौत हो गई थी। जांच पूरी होने के बाद, पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। ​​मुकदमे के दौरान, अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य सबूत पेश किए। सबूतों की जांच के बाद, अदालत ने संदीप को IPC की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया और उसे जुर्माने के साथ उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
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