Haryana सूत्रों के अनुसार, हरियाणा सरकार कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे के किनारे "सिस्टर सिटीज़" (जुड़वां शहरों) का एक नेटवर्क बनाने की योजना बना रही है। इसके लिए स्वीडन के "फ्रेंडशिप-टाउन" मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय विकास के अंतर को कम किया जा सके और शहरी विकास को संतुलित बनाया जा सके। इस मॉडल का अध्ययन करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में एक टीम इस हफ़्ते स्वीडन का दौरा करेगी। इस प्रतिनिधिमंडल में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और उनके विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, गुरुग्राम जैसे विकसित शहरों को - जिनके पास मज़बूत टेक्नोलॉजी बेस, वित्तीय संसाधन और प्रशासनिक विशेषज्ञता है - कम विकसित शहरी केंद्रों के साथ जोड़ा जाएगा। इससे बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, निवेश आकर्षित करने और नागरिक सेवाओं को मज़बूत करने में मदद मिलेगी। फरीदाबाद और पड़ोसी नूंह जैसे इलाकों को ऐसी साझेदारियों से फ़ायदा हो सकता है।
राज्य सरकार KMP एक्सप्रेसवे के किनारे पायलट आधार पर इस कॉन्सेप्ट को शुरू करने की योजना बना रही है, जहाँ चार नए शहर बसाने की योजना है। इन शहरी केंद्रों के विकास में गुरुग्राम की अहम भूमिका होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इस मॉडल को हरियाणा के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि स्वीडन के अनुभव ने राज्य के नज़रिए को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा, "सिस्टर सिटीज़ के कॉन्सेप्ट ने पूरे स्वीडन में एकसमान विकास सुनिश्चित किया है, और यही हमारा विज़न है।" "हम चाहते हैं कि हरियाणा के सभी प्रमुख शहर बुनियादी ढांचे, निवेश, संस्कृति और पर्यटन के मामले में एक-दूसरे के बराबर हों और एक-दूसरे की मदद करें।" स्वीडन में, सिस्टर-सिटी कॉन्सेप्ट को "वैनॉर्ट" (vänort) या फ्रेंडशिप टाउन के नाम से जाना जाता है। इसमें लंबे समय तक चलने वाले सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रशासनिक संबंध बनाने के लिए नगर पालिकाओं के बीच औपचारिक या अनौपचारिक साझेदारियाँ शामिल होती हैं।
दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप में शांति, सद्भावना और आपसी समझ को बढ़ावा देने के साधन के तौर पर इस कॉन्सेप्ट को तेज़ी मिली। स्वीडन नॉर्डिक सहयोग में भी शुरुआती भागीदार बना; स्वीडन के शहर उडेवाला (Uddevalla) और डेनमार्क के थिस्टेड (Thisted) ने 1939 में एक साझेदारी की थी। ऐसी साझेदारियों में स्कूल प्रोग्राम और युवा खेलों के ज़रिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान, गवर्नेंस के तरीकों और शहरी योजना व सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन) में विशेषज्ञता साझा करना, और पर्यटन, व्यापार व ग्रीन टेक्नोलॉजी में सहयोग शामिल हो सकता है। उदाहरण के लिए, स्वीडन का शहर वैक्सजो (Växjö) अपनी पर्यावरण-अनुकूल पहलों के लिए जाना जाता है।
हरियाणा की यह प्रस्तावित पहल राज्य में असमान शहरी विकास के बीच सामने आई है। जहाँ गुरुग्राम एक बड़े कॉर्पोरेट और रियल एस्टेट हब के तौर पर उभरा है, वहीं नूह जैसे ज़िलों में आज भी बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं की कमी है। इन प्रस्तावित साझेदारियों का मकसद कम विकसित शहरों को ज़्यादा विकसित शहरी केंद्रों की प्लानिंग की विशेषज्ञता, निवेश नेटवर्क और नागरिक प्रबंधन के अनुभव का फ़ायदा पहुँचाना है। इस तरीके से KMP एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले नए शहरों को गुरुग्राम के तेज़ी से विस्तार के कारण पैदा हुई बुनियादी सुविधाओं और नागरिक प्रबंधन से जुड़ी कुछ चुनौतियों से बचने में भी मदद मिल सकती है। अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो इससे हरियाणा को ज़्यादा संतुलित शहरीकरण का एक ढांचा मिल सकता है। इससे स्थापित शहर, कुछ ही शहरी केंद्रों में विकास और निवेश को केंद्रित करने के बजाय, आस-पास के केंद्रों के विकास में मदद कर सकेंगे।