Haryana हाल ही में हुई ओलावृष्टि से जिन किसानों की धान की फसल बर्बाद हो गई है, उन्हें राहत देने के लिए भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजविंदर सिंह चहल ने प्रति एकड़ 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह मदद उन प्रभावित किसानों को दी जाएगी जो रतिया अनाज मंडी में चहल के माध्यम से अपनी फसल बेचते हैं। उन्होंने किसानों के बकाया ब्याज पर भी राहत देने की पेशकश की है।
पेशे से आढ़ती (कमीशन एजेंट) चहल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की मदद करना केवल सरकार की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि व्यापारियों और समाज के अन्य वर्गों को भी अपनी क्षमता के अनुसार इसमें योगदान देना चाहिए।
उन्होंने आढ़तियों और व्यापारियों से अपील की कि वे न केवल जमीन के मालिकों की, बल्कि पट्टे (लीज) पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों की भी मदद करें। ऐसे किसानों को जमीन का किराया, बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े अन्य खर्च उठाने पड़ते हैं, जिस कारण फसल बर्बाद होने पर उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है। चहल ने बताया कि इस पहल से और अधिक लोगों को जोड़ने और प्रभावित किसानों की मदद करने के लिए एक जन-संपर्क अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से यह भी आग्रह किया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को बिना किसी देरी के मुआवजा दिया जाए।
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