फरीदाबाद। देश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से दिवालिया बताते हुए उनके बयानों और विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाए। यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है, जब राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की जा रही है और दूसरी तरफ बीजेपी हरियाणा में पदयात्राओं के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब देने में जुटी है।रविवार, 1 नवंबर 2026 को हरियाणा के फरीदाबाद में बीजेपी की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत पदयात्रा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल हुए। इस दौरान बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल खराब करने के आरोप लगाए।
राहुल गांधी पर धर्मेंद्र प्रधान का हमला
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए उनकी राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने उन्हें राजनीतिक रूप से दिवालिया बताते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनता के सामने रखने के लिए ठोस मुद्दों की कमी है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।बीजेपी की ओर से राहुल गांधी के आरोपों को राजनीतिक हताशा से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि चुनाव में हार या राजनीतिक असहमति के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।इससे पहले भी धर्मेंद्र प्रधान राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी कर चुके हैं। नवंबर 2025 में हरियाणा विधानसभा चुनाव से जुड़े कथित वोट धोखाधड़ी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने राहुल गांधी को मानसिक और राजनीतिक रूप से दिवालिया बताया था। उन्होंने कांग्रेस नेता के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि उनके दावों के समर्थन में पर्याप्त तथ्य सामने नहीं रखे गए
फरीदाबाद में निकाली गई बीजेपी की पदयात्रा
फरीदाबाद में बीजेपी की पदयात्रा 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत आयोजित की गई। इसका उद्देश्य कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के आरोपों का राजनीतिक जवाब देना बताया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत एनआईटी क्षेत्र के बीके चौक से हुई और यात्रा हार्डवेयर चौक तक निकाली गई।इस आयोजन में केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह सहित पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही। स्थानीय स्तर पर कृष्णपाल गुर्जर को पदयात्रा से जुड़ा प्रमुख नेता बताया गया, जबकि धर्मेंद्र प्रधान इसमें प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल हुए।बीजेपी ने इस अभियान के जरिए लोगों तक अपना पक्ष पहुंचाने और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देने की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन और आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाना उचित नहीं है।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर आमने-सामने बीजेपी-कांग्रेस
दरअसल, पिछले कुछ समय से देश की राजनीति में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद जारी है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल मौजूद हैं।वहीं, बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर राजनीतिक माहौल खराब करने का आरोप लगा रही है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और उसके कामकाज पर सवाल उठाने से पहले विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने चाहिए।इसी मुद्दे पर बीजेपी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया है। इसके तहत हरियाणा के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्रों में पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं। पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता तक अपनी बात पहुंचाना और विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है।
रोहतक में नितिन नवीन की पदयात्रा, करनाल में अमित शाह का कार्यक्रम
हरियाणा में बीजेपी ने अपने अभियान के तहत कई बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है। एक नवंबर को रोहतक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पदयात्रा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की भागीदारी भी निर्धारित थी।वहीं, फरीदाबाद में धर्मेंद्र प्रधान की भागीदारी वाली पदयात्रा आयोजित की गई। इसके बाद पांच नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करनाल में पदयात्रा में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह अंबाला कैंट में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में बने शहीदी स्मारक का उद्घाटन भी करेंगे।बीजेपी के मुताबिक, इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करेगी। अभियान का अगला चरण दिवाली के बाद नौ नवंबर से शुरू होने की योजना है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी निगाहें
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली और हरियाणा में बीजेपी की पदयात्राओं ने राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। दोनों पक्ष अपने-अपने मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ बीजेपी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक नैरेटिव बताते हुए उनका जवाब दे रही है। धर्मेंद्र प्रधान की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी भी इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और SIR तथा चुनावी पारदर्शिता को लेकर जारी बहस आने वाले दिनों में क्या रुख लेती है।
Tags: