6 अगस्त से काम ठप करने की तैयारी, सफाई कर्मचारियों का बड़ा फैसला

Update: 2026-08-02 10:02 GMT

भिवानी। हरियाणा में सफाई और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार 13 मई को हुए समझौते से पीछे हट रही है और उनकी मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते कर्मचारियों ने 6 अगस्त से तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है।

हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन और नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने रविवार को मुख्य दमकल केंद्र में बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान अजय श्योराण ने की। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।

यूनियन नेताओं ने कहा कि 13 मई को सरकार और कर्मचारियों के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ था, जिसमें कई मांगों पर सहमति बनी थी। लेकिन अब सरकार उन फैसलों को लागू करने से बच रही है। कर्मचारियों का कहना है कि समझौते के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने से उनमें रोष बढ़ रहा है।

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने 5 अगस्त तक उनकी मांगों को लागू नहीं किया तो 6, 7 और 8 अगस्त को प्रदेशभर में तीन दिन की हड़ताल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इसके बाद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।

हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिणद और राज्य वरिष्ठ उप प्रधान राजीव खत्री ने कहा कि कर्मचारियों के साथ हुए समझौते को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल जॉब सिक्योरिटी का पत्र कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं है। कर्मचारियों को स्थायी नौकरी और बेहतर सेवा सुरक्षा की जरूरत है।

वहीं, नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सचिव पुरुषोत्तम दानव ने भी सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनका कहना है कि ग्रुप डी के पदों में सफाई कर्मचारियों को नियुक्ति नहीं दी गई है, जबकि कर्मचारी लंबे समय से स्थायी भर्ती की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को नियमित करना, जोखिम भत्ता देना, वर्दी भत्ता बढ़ाना, वेतन वृद्धि का एरियर जारी करना और बलिदानी दमकल कर्मियों के आश्रितों को सहायता प्रदान करना शामिल है।

बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि फायर और सफाई कर्मचारी लगातार कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। अग्निशमन कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा करते हैं, जबकि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

यूनियन नेताओं ने सरकार से अपील की कि कर्मचारियों के साथ किए गए समझौते को जल्द लागू किया जाए, ताकि आंदोलन की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।

बैठक में सुमेर आर्य, सुशील कुमार, राजेश गुर्जर, अभिषेक भाटी, नवीन, उमेश राठी, गोविंद बुल्ला, सुमेर सिंह और ईश्वर सिंह सहित कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।

अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि सरकार 5 अगस्त तक कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला नहीं लेती है तो 6 अगस्त से प्रदेशभर में सफाई और अग्निशमन सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कर्मचारियों की इस चेतावनी के बाद प्रशासन के सामने आंदोलन को रोकने और समाधान निकालने की चुनौती बढ़ गई है।

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