Kinnaur राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को किन्नौर जिले की रकछम ग्राम पंचायत में एक आइस स्केटिंग रिंक की आधारशिला रखी। इसे 2.97 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है, खासकर एडवेंचर स्पोर्ट्स के जरिए। नेगी ने कहा कि किन्नौर न केवल पर्यटन के नजरिए से, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब होने के कारण रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सेना को सीमा तक पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा।
वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आदिवासी समुदायों को इस कानून का लाभ मिले। उन्होंने 'हिमाचल प्रदेश नौतोर भूमि नियम, 1968' का भी उल्लेख किया, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार के कार्यकाल में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य आदिवासी लोगों और वंचित समुदायों को भूमि अधिकार प्रदान करना था।
उन्होंने किन्नौर के भूमिहीन निवासियों से आग्रह किया कि वे संबंधित कानूनों के तहत मिलने वाले लाभों का फायदा उठाएं और अपने नाम पर जमीन हासिल करें। नेगी ने बताया कि मौजूदा राज्य सरकार के कार्यकाल में इस आदिवासी जिले के लगभग 800 गरीब और वंचित लोगों को जमीन के पट्टे दिए गए हैं, जिससे उन्हें जमीन पर मालिकाना हक मिल सका है। इसके बाद, मंत्री ने बतसेरी ग्राम पंचायत में एक सीवरेज योजना की आधारशिला रखी, जिसका निर्माण 1.92 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
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