'सत्ता में बने रहने के लिए अनुचित तरीके अपना रही बीजेपी', सांसद हरीश मीना का आरोप
हमीरपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता और सांसद हरीश मीणा ने कहा कि केंद्र में सत्ता में बने रहने के लिए बीजेपी 'वोट चोरी' समेत सभी गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जहां विपक्षी दलों के नेता चुनाव कराने में कथित धांधली के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, वहीं खुद ज्ञानेश कुमार के बजाय बीजेपी नेता उनका बचाव कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश एक अघोषित आपातकाल और तानाशाही का सामना कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सालों पहले ही कह दिया था कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग जैसी संस्था का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार केंद्र सरकार के कठपुतली बन गए हैं और कई फैसले अन्य आयुक्तों की सहमति के बिना ही लिए गए हैं। मीणा ने कहा कि एक प्रमुख अखबार में छपी रिपोर्ट ने ज्ञानेश कुमार द्वारा शक्तियों के दुरुपयोग का पर्दाफाश किया है। उन्होंने बताया कि उनके हिमाचल प्रदेश दौरे का मकसद चुनाव आयोग के गलत कामकाज को उजागर करना और लोगों को उनके वोट देने के अधिकार और वोट की ताकत के बारे में जागरूक करना है।
उन्होंने कहा कि अपने वोट की रक्षा करना हर व्यक्ति का अधिकार है। ईवीएम (EVM) की भूमिका पर मीणा ने आरोप लगाया कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, क्योंकि इन्हें दूर से ही कंट्रोल किया जा सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत भी ईवीएम में हेरफेर का नतीजा हो सकती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय क्षेत्र में वोटों की गिनती के शुरुआती आठ राउंड तक वे पीछे चल रहे थे।
मीणा ने कहा कि कांग्रेस कभी भी एसआईआर (SIR) के खिलाफ नहीं थी, बल्कि जिस तरीके से इसे लागू किया जा रहा था, उसके खिलाफ थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एक रिपोर्ट में 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का जिक्र है, और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "देश के लोगों को अपने वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए, और यही हमारा मिशन है।"