शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही जोरदार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में सड़क संपर्क बाधित हो गया है, जबकि बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (SEOC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 259 सड़कें बंद हैं और 255 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (DTRs) के काम नहीं करने से कई क्षेत्रों में बिजली संकट की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण प्रशासन के सामने सड़क और बिजली व्यवस्था को जल्द बहाल करने की चुनौती है।

बारिश के कारण राज्य के पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हुई हैं। इससे लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। कई संपर्क मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं और दैनिक जरूरत की वस्तुओं की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है।

259 सड़कें बंद

SEOC के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारी बारिश के कारण प्रदेश में कुल 259 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इनमें कई ग्रामीण और संपर्क मार्ग शामिल हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। सड़क पर पहाड़ से मलबा और पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं।

लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों की मदद से काम कर रही हैं। हालांकि, लगातार बारिश होने के कारण राहत एवं बहाली कार्यों में भी चुनौती आ रही है। कई जगहों पर मलबा हटाने के बाद दोबारा भूस्खलन होने की स्थिति बन सकती है।

सड़कें बंद होने का सीधा असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों पर भी पड़ता है। एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाओं, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और रोजाना काम के लिए यात्रा करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

255 DTRs ने काम करना बंद किया

भारी बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। SEOC के अनुसार, प्रदेश में 255 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर क्षेत्र यानी DTRs काम नहीं कर रहे हैं। इसके चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।

बारिश के दौरान बिजली के खंभे गिरने, तारों के क्षतिग्रस्त होने और अन्य तकनीकी कारणों से विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बिजली विभाग की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करने के लिए काम कर रही हैं। हालांकि खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कर्मचारियों को मौके तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। घरों के अलावा दुकानों, छोटे कारोबार और अन्य सेवाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के साथ-साथ मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है।

लगातार बारिश से बढ़ी मुश्किलें

हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के कारण भारी बारिश के दौरान सड़क, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सेवाएं जल्दी प्रभावित होती हैं। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी खिसकने और चट्टानों के गिरने से अचानक सड़कें बंद हो सकती हैं। कई बार नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से भी आसपास के क्षेत्रों में खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन की ओर से लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जाती है। विशेष रूप से ऐसे मार्गों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है जहां भूस्खलन की आशंका रहती है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बहाली कार्य में जुटी टीमें

सड़क और बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय हैं। बंद सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है, वहां विद्युत विभाग की टीमें खराबी को दूर करने में जुटी हैं।

हालांकि, बारिश का सिलसिला जारी रहने पर बहाली कार्यों में अतिरिक्त समय लग सकता है। कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश से जमीन धंसने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों और मशीनरी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम करना पड़ रहा है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। स्थानीय लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

हिमाचल में मानसून के दौरान पहले भी भारी बारिश के कारण सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं प्रभावित होती रही हैं। ऐसे में इस बार भी प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करना है।

फिलहाल SEOC के आंकड़े बताते हैं कि बारिश का असर राज्य के बड़े हिस्से में बना हुआ है। 259 सड़कों का बंद होना और 255 DTRs का ठप होना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और बारिश की तीव्रता के आधार पर हालात में बदलाव हो सकता है। प्रशासन और संबंधित विभाग बहाली कार्यों में जुटे हैं और लोगों की नजर अब इस बात पर है कि सड़क और बिजली सेवाएं कब तक पूरी तरह सामान्य हो पाती हैं।

Tags: