शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की गई नई इलेक्ट्रिक बसों में से 30 बसें शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र को आवंटित की गई हैं। इनमें से 18 नई इलेक्ट्रिक बसों को गुरुवार को लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला के पुराने बस अड्डे से विभिन्न रूटों के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

नई इलेक्ट्रिक बसों को शिमला से धामी, बरेठी, खटनोल, सुन्नी, चेवग, हरिदेवी-सेरी, धरोगड़ा, चनावग, गवाही, डुमेहर, जलोग, पनेहड़ा, चेबड़ी, अणु, नलावन और मलावन सहित विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा।

इस मौके पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से अतिरिक्त बस सेवाओं की मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के लोगों को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य सभी क्षेत्रों का समान विकास करना है। शिमला ग्रामीण का बड़ा हिस्सा शिमला शहर से जुड़ा हुआ है और यहां के बहुत से लोग नौकरी, खेती और बागवानी से जुड़े हैं। ऐसे में उन्हें रोजाना शहर आना-जाना पड़ता है। लोगों की जरूरत को देखते हुए परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बस रूटों पर चर्चा की गई है।

विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी के लिए 300 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं, जिनमें से 30 बसें शिमला ग्रामीण क्षेत्र को दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज 18 बसों को विभिन्न रूटों पर भेजा गया है, जिससे क्षेत्र में बसों की कमी काफी हद तक दूर होगी। शेष 12 इलेक्ट्रिक बसों को दूसरे चरण में सुन्नी से विभिन्न रूटों पर जल्द चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ये इलेक्ट्रिक बसें एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद लगभग 150 किलोमीटर तक चल सकती हैं। इसी कारण इन्हें लंबी दूरी के मार्गों की बजाय छोटे रूटों पर चलाया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि शिमला के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों की मांग को देखते हुए एचआरटीसी के छोटे वाहनों और टैक्सी सेवाओं को बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। इस संबंध में निगम अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है।

उन्होंने कहा कि निजी बसों के लिए भी नए रूट दिए जाएंगे, जिससे लोगों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए करीब 650 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ पर काम जारी है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में सड़कों पर यातायात बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनरी लगातार काम कर रही है। जरूरत के अनुसार निजी मशीनें भी किराये पर ली गई हैं और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि हाल के समय में तारकोल की कीमतों में वृद्धि के कारण कई स्थानों पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सड़कों की मेटलिंग और टायरिंग का काम शुरू नहीं हो सका। मानसून समाप्त होने के बाद प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में इन कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

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