लद्दाख में न्याय का नया अध्याय, सीजेआई आज करेंगे हाईकोर्ट बेंच का उद्घाटन
लेह में आज खुलेगी हाईकोर्ट की नई बेंच
लेह: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज लेह में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की नई लद्दाख बेंच का उद्घाटन करेंगे। इस पहल से केंद्रशासित प्रदेश के उन लोगों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें हाईकोर्ट से संबंधित कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने शनिवार को उद्घाटन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उद्घाटन समारोह में सीजेआई के साथ सुप्रीम कोर्ट के चार अन्य न्यायाधीश भी शामिल होंगे। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों के अलावा भारत के अटॉर्नी जनरल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य लद्दाख में उच्च न्यायिक सेवाओं की उपलब्धता को मजबूत करना है। नई बेंच की शुरुआत को स्थानीय नागरिकों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले वादकारियों के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा कि अब तक किसी व्यक्ति को रिट याचिका के माध्यम से न्यायिक राहत मांगनी होती थी तो उसे श्रीनगर या जम्मू जाना पड़ता था। लेह में बेंच उपलब्ध होने से लोगों के लिए अपने क्षेत्र में ही हाईकोर्ट तक पहुंचने का रास्ता खुलेगा। उन्होंने न्याय व्यवस्था को नागरिकों के करीब लाने को बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियों और यहां रहने वाले लोगों की व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए यह पहल विशेष महत्व रखती है।
लद्दाख जैसे विशाल और कठिन भौगोलिक क्षेत्र में न्यायालय तक पहुंचने का सवाल केवल दूरी तक सीमित नहीं है। प्रशासन के मुताबिक, दुर्गम रास्ते, लंबी यात्रा और कठोर मौसम लोगों के लिए क्षेत्र से बाहर स्थित संस्थानों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। हाईकोर्ट में कार्यवाही के लिए बाहर जाने पर यात्रा और ठहरने में समय तथा धन दोनों खर्च होते हैं। स्थानीय स्तर पर बेंच की उपलब्धता से इन परेशानियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से दूरदराज के वादकारियों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है।
नई बेंच की स्थापना के लिए आवश्यक कानूनी आधार पहले ही तैयार किया जा चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 अगस्त, 2026 को लद्दाख में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की बेंच की बैठक का प्रावधान करने वाला विनियमन जारी किया था। इसके बाद उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इसे लागू करने के लिए पांच सितंबर, 2026 की तारीख निर्धारित की। इस तरह सितंबर में विनियमन प्रभावी होने के बाद बेंच को शुरू करने की संस्थागत प्रक्रिया आगे बढ़ी।
प्रशासन ने विनियमन लागू होने के समय बताया था कि बेंच के संचालन के लिए न्यायिक, प्रशासनिक, बुनियादी ढांचे, वित्तीय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर संबंधित विभागों तथा हाईकोर्ट के साथ समन्वय किया जाएगा। अब उद्घाटन कार्यक्रम इस प्रक्रिया में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है। उपराज्यपाल ने भी इस पहल को न्याय व्यवस्था नागरिकों के अधिक करीब लाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया था। उन्होंने कहा था कि इससे दूरस्थ इलाकों के लोगों की न्याय तक पहुंच बेहतर होगी।
मुख्य सचिव के अनुसार, नई व्यवस्था को आकार देने की प्रक्रिया लगभग दो महीने में आगे बढ़ी। उन्होंने बताया कि यह पहल लद्दाख के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत में उठाई गई मांगों का हिस्सा नहीं थी। उनके मुताबिक, केंद्र ने क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों को समझते हुए यह कदम उठाया है। कुंद्रा ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को उनके निवास क्षेत्र के करीब न्यायिक सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। आज होने वाले उद्घाटन के साथ लद्दाख में उच्च न्यायिक सेवाओं की स्थानीय उपलब्धता की दिशा में नया अध्याय जुड़ेगा। प्रशासन की अपेक्षा है कि इससे न्याय पाने के लिए क्षेत्र से बाहर यात्रा करने का बोझ घटेगा। लेह में बेंच की शुरुआत का सबसे बड़ा व्यावहारिक महत्व यही है कि दुर्गम इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए हाईकोर्ट तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।