श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर सरकार ने वर्ष 2026-27 के शीतकालीन सत्र के लिए दरबार मूव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सामान्य प्रशासनिक विभाग (GAD) ने इस संबंध में सरकारी आदेश संख्या 1664-JK(GAD) of 2026 जारी किया है। आदेश के अनुसार, श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित होने वाले सरकारी कार्यालय 2 नवंबर 2026, सोमवार से जम्मू में दोबारा कामकाज शुरू करेंगे। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय 30 अक्टूबर को कार्यालय समय समाप्त होने के बाद श्रीनगर में बंद होंगे, जबकि छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय 31 अक्टूबर को बंद किए जाएंगे। सरकार ने दरबार मूव के तहत स्थानांतरित होने वाले पात्र कर्मचारियों को 25 हजार रुपये का विशेष यात्रा भत्ता देने का भी फैसला किया है। कर्मचारियों और सरकारी रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से जम्मू पहुंचाने के लिए परिवहन, सुरक्षा, चिकित्सा और आवास संबंधी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

2 नवंबर से जम्मू में शुरू होगा सरकारी कामकाज

जम्मू-कश्मीर सरकार के सामान्य प्रशासनिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शीतकालीन सत्र के लिए सरकारी कार्यालयों को श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित किया जाएगा।

यह प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी होगी। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बंद होंगे। वहीं, छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले कार्यालय शनिवार, 31 अक्टूबर को श्रीनगर में अपना कामकाज समाप्त करेंगे।

इसके बाद संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी जम्मू के लिए रवाना होंगे।

सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दरबार मूव के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालय 2 नवंबर से जम्मू में कार्य करना शुरू करेंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य सर्दियों के दौरान प्रशासनिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखना है।

कर्मचारियों को मिलेगा 25 हजार रुपये विशेष भत्ता

दरबार मूव के तहत स्थानांतरित होने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष यात्रा भत्ते की घोषणा की गई है।

सरकार ने प्रत्येक पात्र कर्मचारी को 25 हजार रुपये का एकसमान विशेष यात्रा भत्ता देने का निर्णय लिया है।

इस राशि का उद्देश्य कर्मचारियों को स्थानांतरण के दौरान होने वाले यात्रा और अन्य आवश्यक खर्चों में सहायता प्रदान करना है।

हालांकि, आदेश के अनुसार जो कर्मचारी निर्धारित समयसीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, वे इस विशेष भत्ते के पात्र नहीं होंगे।

सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों की यात्रा और अन्य व्यवस्थाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएं।

29 अक्टूबर को मिलेगा कर्मचारियों का वेतन

सरकार ने स्थानांतरित होने वाले कार्यालयों के कर्मचारियों के अक्टूबर महीने के वेतन के भुगतान की व्यवस्था भी की है।

आदेश के मुताबिक, संबंधित कर्मचारियों का अक्टूबर 2026 का वेतन 29 अक्टूबर को निकाला जाएगा।

इसके अलावा अराजपत्रित कर्मचारियों को नियमों के अनुसार वेतन अग्रिम प्राप्त करने का विकल्प भी दिया गया है।

अग्रिम राशि की वसूली निर्धारित नियमों के तहत किस्तों में की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानांतरण के दौरान कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

31 अक्टूबर और 1 नवंबर को चलेंगी विशेष बसें

सरकारी कर्मचारियों को श्रीनगर से जम्मू पहुंचाने के लिए जम्मू-कश्मीर सड़क परिवहन निगम (JKRTC) को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

निगम को निर्देश दिए गए हैं कि 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को पर्याप्त संख्या में अच्छी स्थिति वाली बसों की व्यवस्था की जाए।

इन बसों के टिकटों की अग्रिम बुकिंग 27 अक्टूबर से शुरू होगी।

बुकिंग की सुविधा सिविल सचिवालय और परिवहन निगम के प्रमुख बुकिंग काउंटरों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

संभव होने पर कर्मचारियों के गंतव्य के अनुसार टिकट जारी करने की व्यवस्था भी की जाएगी।

बसों के काफिले के साथ चलेंगी क्रेन

श्रीनगर से जम्मू तक पहाड़ी मार्गों से गुजरने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

आदेश के अनुसार, प्रत्येक बस काफिले के साथ एक क्रेन, दो अतिरिक्त खाली बसें और मोबाइल वर्कशॉप की व्यवस्था रहेगी।

यात्रा के दौरान किसी बस में तकनीकी खराबी आने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस को कर्मचारियों के काफिलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बनिहाल-काजीगुंड सुरंग और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुरंग से गुजरने के दौरान काफिलों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था भी की जाएगी।

रास्ते में मिलेगी चिकित्सा सुविधा

सरकार ने दरबार मूव के दौरान कर्मचारियों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए हैं।

काजीगुंड, बनिहाल, रामसू, रामबन, चेनानी, उधमपुर और झज्जर कोटली में चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की जाएगी।

इन स्थानों पर आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों और उनके साथ यात्रा करने वाले लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

श्रीनगर में भी कार्य करेगा शीतकालीन सचिवालय

दरबार मूव के बावजूद श्रीनगर में प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह बंद नहीं होगा।

सरकार ने श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में शीतकालीन सचिवालय स्थापित करने का निर्णय लिया है।

प्रत्येक प्रशासनिक विभाग को एक राजपत्रित अधिकारी और चार अराजपत्रित कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

कर्मचारियों का चयन सक्षम अधिकारी की अनुमति के बाद किया जाएगा।

महिला कर्मचारियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले कर्मचारियों को श्रीनगर में बनाए रखने के लिए जहां संभव होगा, प्राथमिकता दी जाएगी।

इस व्यवस्था से शीतकाल के दौरान कश्मीर घाटी के नागरिकों को प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

कर्मचारियों के आवास की भी होगी व्यवस्था

जम्मू पहुंचने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवास संबंधी व्यवस्था संपदा विभाग करेगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी कर्मचारी उचित आवंटन आदेश के बिना सरकारी या अन्य संबंधित आवास पर कब्जा नहीं कर सकेगा।

हालांकि, निर्धारित शर्तों के तहत कर्मचारी अपने परिवार के वास्तविक उपयोग के लिए श्रीनगर में आवंटित सरकारी आवास को बनाए रख सकेंगे।

इसके अलावा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को जम्मू में कर्मचारी आवासीय कॉलोनियों के आसपास राशन काउंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य स्थानांतरण के दौरान कर्मचारियों और उनके परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

जम्मू में सरकारी कार्यालयों का समय भी निर्धारित

दरबार मूव के बाद जम्मू में सरकारी कार्यालयों के कार्य समय को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं।

सिविल सचिवालय और उसके परिसर में स्थित विभागाध्यक्षों के कार्यालय सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शाम 5 बजकर 30 मिनट तक कार्य करेंगे।

वहीं, सिविल सचिवालय के बाहर स्थित छह दिवसीय कार्य सप्ताह वाले स्थानांतरित विभागाध्यक्ष कार्यालयों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

सरकार ने अधिकारियों को निर्धारित समय के अनुसार प्रशासनिक गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

दरबार मूव की ऐतिहासिक परंपरा

जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसके अंतर्गत सरकारी कार्यालयों का संचालन मौसमी परिस्थितियों के अनुसार श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित किया जाता है।

गर्मियों में श्रीनगर और सर्दियों में जम्मू प्रशासनिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।

यह व्यवस्था डोगरा शासनकाल से जुड़ी ऐतिहासिक परंपरा मानी जाती है।

वर्ष 2021 में इस व्यवस्था को बंद किया गया था, लेकिन अक्टूबर 2025 में जम्मू-कश्मीर सरकार ने दरबार मूव को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया था।

अब शीतकालीन सत्र 2026-27 के लिए स्थानांतरण की विस्तृत रूपरेखा जारी की गई है।

प्रशासनिक तैयारियां तेज, विभागों को निर्देश

सामान्य प्रशासनिक विभाग ने सभी संबंधित कार्यालयों को निर्धारित समयसीमा में स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

विभागों को कर्मचारियों की तैनाती, यात्रा, आवास और आवश्यक सरकारी कामकाज से जुड़ी तैयारियां समय पर पूरी करनी होंगी।

सरकारी आदेश के अनुसार, कश्मीर संभाग के अधीनस्थ कार्यालयों से अस्थायी रूप से तैनात कर्मचारियों को 27 अक्टूबर तक उनके मूल कार्यालयों के लिए कार्यमुक्त किया जाना है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि 2 नवंबर को जम्मू में सभी निर्धारित सरकारी कार्यालय बिना किसी बाधा के कामकाज शुरू कर सकें।

Tags: