पहले मिले 651 अंक, दो दिन बाद दिखे 251, सुप्रिया ने जताई आपत्ति

Update: 2026-07-22 10:00 GMT

उधमपुर: NEET-UG 2026 परीक्षा परिणाम को लेकर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की छात्रा सुप्रिया ने बड़ा दावा किया है। छात्रा ने अपने रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुप्रिया का कहना है कि रिजल्ट जारी होने के बाद पहले उनकी अंकतालिका में 720 में से 651 अंक दिखाई दे रहे थे, लेकिन दो दिन बाद जब उन्होंने दोबारा परिणाम देखा तो अंक घटकर 251 हो गए। इस बदलाव को लेकर छात्रा और उसका परिवार हैरान है।

सुप्रिया ने बताया कि नीट-यूजी 2026 का परिणाम 16 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे जारी किया गया था। रिजल्ट जारी होने के बाद सर्वर पर अधिक दबाव होने के कारण शुरुआत में वह अपनी अंकतालिका डाउनलोड नहीं कर पाई थीं। अगले दिन जब उन्होंने अपना परिणाम डाउनलोड किया तो उसमें उन्हें 651 अंक दिखाई दिए।

छात्रा के अनुसार, उन्होंने इस रिजल्ट का स्क्रीनशॉट भी लिया था और अपने परिवार व कुछ परिचितों के साथ साझा किया था। 651 अंक देखकर परिवार में खुशी का माहौल बन गया था। रिश्तेदारों और परिचितों ने उन्हें बधाई दी और खुशी में मिठाइयां भी बांटी गईं।

हालांकि, दो दिन बाद जब सुप्रिया ने दोबारा अपना नीट परिणाम चेक किया तो उनके होश उड़ गए। इस बार अंकतालिका में उनके अंक 251 दिख रहे थे। छात्रा का कहना है कि अभी भी वेबसाइट पर 251 अंक ही दिखाई दे रहे हैं। अचानक 400 अंकों की कमी आने से वह और उनका परिवार परेशान हो गया।

सुप्रिया ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक, एनटीए की ओर से उन्हें ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने और अंकतालिका पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर सत्यापन करने की सलाह दी गई। लेकिन सत्यापन प्रक्रिया में भी 251 अंक ही दिखाई दिए।

छात्रा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि वह सिर्फ अपने वास्तविक परिणाम को लेकर स्पष्टता चाहती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

सुप्रिया के परिवार ने भी इस पूरे मामले को गंभीर बताया है। परिवार का कहना है कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए छात्र कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में परिणाम में इस तरह की विसंगति सामने आने से छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।

परिवार ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि छात्रा का वास्तविक स्कोर क्या है। साथ ही अगर तकनीकी या अन्य किसी कारण से अंक बदलने की स्थिति बनी है तो उसे भी सार्वजनिक किया जाए।

गौरतलब है कि नीट परीक्षा पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रही है। पेपर लीक और परिणाम से जुड़े मामलों को लेकर छात्रों और विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में रियासी की छात्रा सुप्रिया का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अब सभी की नजरें एनटीए की जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। छात्रा और उसका परिवार उम्मीद कर रहा है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने आएगी और उनके मन में बने असमंजस का समाधान होगा।

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