स्वास्थ्य योजनाओं में जम्मू-कश्मीर की बड़ी छलांग, NHM फंड के उपयोग में देश में अव्वल
NHM फंड खर्च में जम्मू-कश्मीर अव्वल
जम्मू : जम्मू-कश्मीर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत मिले फंड के उपयोग में शानदार प्रदर्शन किया है। केंद्र सरकार से प्राप्त राशि से अधिक खर्च कर प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखाई है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में जम्मू-कश्मीर को 2863 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिली, जबकि प्रदेश ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और योजनाओं के क्रियान्वयन पर 3247 करोड़ रुपये खर्च किए।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, NHM फंड का उपयोग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में किया गया है।
स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और आम लोगों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। जम्मू-कश्मीर ने इस योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों को गति दी है।
अधिकारियों का कहना है कि फंड के बेहतर इस्तेमाल से अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और दूरदराज के इलाकों में चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में मदद मिली है।
तीन वर्षों में रिकॉर्ड खर्च
रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर ने लगातार तीन वित्तीय वर्षों में NHM फंड के उपयोग में बेहतर प्रदर्शन किया है। केंद्र से मिले 2863 करोड़ रुपये के मुकाबले 3247 करोड़ रुपये का खर्च यह दर्शाता है कि प्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग कर योजनाओं को आगे बढ़ाया।
इस उपलब्धि को स्वास्थ्य विभाग की बेहतर योजना, निगरानी और समय पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन का परिणाम माना जा रहा है।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिला बल
NHM के तहत मिलने वाले फंड का बड़ा हिस्सा ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में लगाया जाता है। जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना बड़ी चुनौती रही है।
फंड के उपयोग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिला है।
मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
NHM के तहत गर्भवती महिलाओं की देखभाल, सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशुओं की सुरक्षा और टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर में इन योजनाओं के बेहतर संचालन से स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा एंबुलेंस सेवाओं, मोबाइल मेडिकल यूनिट और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को भी मजबूती मिली है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि NHM फंड के प्रभावी उपयोग से जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में मदद मिली है। आने वाले समय में भी स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण, मेडिकल शिक्षा के विस्तार और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर का यह प्रदर्शन अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है कि उपलब्ध संसाधनों का सही इस्तेमाल कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सकता है।