श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) कश्मीर ने सोपोर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में FIR नंबर 34/2017 के तहत एक चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला प्रवासियों की संपत्ति के कथित फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और उसे धोखे से बेचने से जुड़ा है, जिसमें पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता पाई गई, वे हैं: बृज नाथ (पिता तारा चंद, निवासी अमित नगर, मुठी, जम्मू); गुलाम मोहि-उद-दीन डार (पिता अब्दुल खालिक डार, निवासी सैमसन, बडगाम); गुलाम मोहम्मद शेख (पिता अब्दुल अहद शेख, निवासी सचिन बनित, बीरवाह, बडगाम); जहूर अहमद डार (पिता गुलाम मोहम्मद डार, निवासी मार्गीपोरा, पट्टन); और रियाज अहमद राथर (पिता मोहम्मद सुल्तान राथर, निवासी मार्गीपोरा, पट्टन, बारामूला)।
यह मामला एक लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जवाहर लाल भट्ट की जमीन (सर्वे नंबर 349, मौजा वूसन, गोशबुग पट्टन) को धोखे से बेच दिया गया। इस जमीन का कुल क्षेत्रफल 14 कनाल और 3 मरला था। शिकायत के अनुसार, 1 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करने के बावजूद, न तो जमीन का कब्जा दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने आपस में मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी। उन्होंने फर्जी पहचान, जाली दस्तावेजों और एक कथित 'पावर ऑफ अटॉर्नी' (मुख्तारनामा) का गलत इस्तेमाल करके शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की।
आरोपियों में से दो - बृज नाथ (जो सोम नाथ, हादी नाथ और मोहन लाल के नाम से भी जाना जाता है) और गुलाम मोहि-उद-दीन डार - को सितंबर के आखिर में गिरफ्तार किया गया था। गुलाम मोहि-उद-दीन डार को जमानत मिल गई है, जबकि बृज नाथ अभी भी सेंट्रल जेल में बंद है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ अन्य मामलों की भी जांच चल रही है। EOW श्रीनगर ने अगस्त 2023 में FIR नंबर 27/2021 के तहत एक चार्जशीट दाखिल की थी। यह चार्जशीट इंदिरा नगर, श्रीनगर (वर्तमान में मकान नंबर 156, अमित नगर, मुठी, जम्मू) के निवासी बृज नाथ भट (स्वर्गीय तारा चंद भट के बेटे) और साचेन बैनेट, बीरवाह, बडगाम के निवासी गुलाम मोहम्मद शेख (अब्दुल अहद शेख के बेटे) के खिलाफ दायर की गई थी। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ यह दूसरी चार्जशीट है। SSP EOW कश्मीर ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी प्रॉपर्टी का लेन-देन करने से पहले जमीन के मालिकाना हक और दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें, ताकि धोखाधड़ी और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।