जम्मू : जम्मू-कश्मीर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग (MeT) ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और मडस्लाइड की आशंका को देखते हुए बड़ा अलर्ट जारी किया है।
प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए आम लोगों, पर्यटकों, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरी काम के जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदियों, नालों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा कमजोर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है।
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर सड़क मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लगातार बारिश के कारण अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में कम समय में अधिक बारिश होने से छोटे नदी-नालों में तेज बहाव आ सकता है, जिससे आसपास के इलाकों में खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी प्रदेशों में बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं आम हैं। लगातार बारिश से पहाड़ों की मिट्टी में नमी बढ़ जाती है, जिससे कमजोर हिस्से खिसक सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी
प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। अधिकारियों ने कहा है कि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रा की योजना बनाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
ट्रांसपोर्टरों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि भारी बारिश के दौरान संवेदनशील मार्गों पर वाहन संचालन को लेकर सतर्क रहें। किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों को सूचना दें।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
लगातार बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखें।
सड़क, बिजली और पानी जैसी आवश्यक सेवाओं पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश के कारण किसी भी तरह की समस्या आने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाए।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। मौसम खराब होने के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें। नदी-नालों के पास जाने से भी लोगों को रोका गया है, क्योंकि जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहना चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में मानसून की सक्रियता के बीच प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग के अगले एक सप्ताह तक बारिश के अनुमान को देखते हुए सभी विभागों को अलर्ट कर दिया गया है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।