Srinagar श्रीनगर,  जम्मू-कश्मीर में दो दिन तक चला खास वोटर रजिस्ट्रेशन अभियान रविवार को खत्म हुआ। इसमें वोटरों और चुनाव अधिकारियों की तरफ से ज़बरदस्त प्रतिक्रिया मिली। अधिकारियों ने वोटर रजिस्ट्रेशन में मदद करने, लोगों की शिकायतों को सुनने और चुनावी सेवाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया। 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित यह अभियान केंद्र शासित प्रदेश के सभी पोलिंग स्टेशनों पर दोनों दिन सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलाया गया। इसने योग्य नागरिकों को वोटर के तौर पर रजिस्टर होने, अपनी चुनावी जानकारी में सुधार या अपडेट करवाने और वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों में मदद पाने का मौका दिया। यह सब भारत निर्वाचन आयोग के इस मकसद को ध्यान में रखते हुए किया गया: "कोई भी योग्य वोटर पीछे न छूटे।"
यह अभियान J&K के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा की देखरेख में चलाया गया। ज़िला चुनाव प्रशासन ने इंतज़ामों में तालमेल बिठाया और पूरे केंद्र शासित प्रदेश में रजिस्ट्रेशन सेवाएँ पहुँचाने में मदद की। ज़िला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, उप निदेशक सूचना (नोडल अधिकारी SVEEP), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और चुनाव नायब तहसीलदारों ने अपने-अपने इलाकों में इस काम की देखरेख की। वहीं, बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने पोलिंग स्टेशनों और ज़मीनी स्तर पर वोटरों की मदद करने में अहम भूमिका निभाई।
BLOs पोलिंग स्टेशनों पर मौजूद रहे ताकि नागरिकों को वोटर रजिस्ट्रेशन की तय प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दे सकें। फ़ॉर्म 6, फ़ॉर्म 7 और फ़ॉर्म 8 के बारे में मदद दी गई। नागरिकों को वोटर हेल्पलाइन ऐप के ज़रिए डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने के बारे में भी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान, वोटरों की शिकायतों और सवालों पर संबंधित चुनाव अधिकारियों ने ध्यान दिया और ज़रूरी कार्रवाई की। लोगों से सीधे बातचीत करने और अपनी चुनावी जानकारी व रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामलों में मदद पाने के लिए संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर भी लोगों के साथ साझा किए गए।
चुनाव विभाग ने फिर से कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रशासन लोगों की मदद करने, शिकायतों को सुनने और वोटर रजिस्ट्रेशन व अन्य चुनावी मामलों पर जानकारी देने के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है। विभाग ने यह भी साफ़ किया कि कोई भी योग्य व्यक्ति, जिसमें युवा और पहली बार वोट देने वाले लोग शामिल हैं, लगातार अपडेट होने वाली प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर के पास आवेदन कर सकता है।
इस स्पेशल ड्राइव का एक अहम हिस्सा था घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करना और योग्य वोटरों की पहचान करने व उन तक पहुँचने के लिए चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जाँच-पड़ताल करना। इस संपर्क अभियान का मकसद योग्य वोटरों को एनरोलमेंट सुविधाओं का फ़ायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित करना भी था।
J&K के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफ़िस में डिप्टी डायरेक्टर (इन्फॉर्मेशन) और SVEEP के नोडल ऑफ़िसर सलाम दीन ने इस ड्राइव के दौरान मीडिया से बात की और वोटर जागरूकता, आसान एनरोलमेंट सुविधाओं और चुनावी प्रक्रिया में लगातार जन-भागीदारी के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने इस ड्राइव की जानकारी जनता तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका की भी तारीफ़ की।
दो दिन की यह कवायद भारत निर्वाचन आयोग और J&K चुनाव विभाग की उन लगातार कोशिशों को दिखाती है, जिनका मकसद वोटर रजिस्ट्रेशन को ज़्यादा आसान और समावेशी बनाना है। यह सही और पूरी वोटर लिस्ट के महत्व को भी रेखांकित करती है, ताकि हर योग्य नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का मौका मिल सके। मौजूदा ड्राइव के समापन के साथ, चुनाव विभाग ने भविष्य में ऐसे कैंप और वोटर सुविधा कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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