Srinagar: सेशंस कोर्ट का बड़ा आदेश, आईपीएस अधिकारी पर अवमानना कार्रवाई निरस्त

कोर्ट ने आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई खारिज की

Update: 2026-07-29 10:51 GMT

श्रीनगर: सेशंस कोर्ट ने आईपीएस अधिकारी जीवी संदीप चक्रवर्ती के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही रद्द कर दी है। साथ ही कोर्ट ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के लिए वारंट जारी करने और उन्हें लागू करने के संबंध में कई दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।

वर्तमान में श्रीनगर के एसएसपी के पद पर तैनात चक्रवर्ती की ओर से दायर रिवीजन याचिका को स्वीकार करते हुए दूसरे अतिरिक्त सेशंस जज नौशाद अहमद खान ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास तरुण महाजन से 6 जुलाई को जारी आदेश को रद्द कर दिया। मजिस्ट्रेट महाजन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आईपीएस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने कोर्ट के कई आदेशों की अनदेखी करके कोर्ट के अधिकार का उल्लंघन किया है।

आईपीएस अधिकारी ने सेशंस कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया। फैसले में कहा गया कि न्यायिक प्रक्रियाओं के समय पर पालन को लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चिंता जताई थी, वह नेक नीयत से थी और न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा और असरदार कामकाज को बनाए रखने के लिए अपने न्यायिक कर्तव्यों को निभाने के दौरान पैदा हुई थी।

जज खान ने कहा कि इस आदेश में लिखी किसी भी बात का मतलब यह नहीं निकाला जाएगा कि इससे पुनरीक्षण याचिकाकर्ता की ईमानदारी, काबिलियत या नेक नीयत पर कोई सवाल उठाया जा रहा है, क्योंकि वे भी अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि विवादित आदेश में जानबूझकर गलत व्यवहार, न्याय में जानबूझकर बाधा डालने, बार-बार आदेश न मानने, पुलिस तंत्र के संस्थागत रूप से विफल होने या पुनरीक्षण याचिकाकर्ता की गलती से जुड़ी कोई भी बात को हटा दिया जाएगा और आरोपों की सच्चाई पर कोई निष्कर्ष नहीं माना जाएगा।

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