श्रीनगर,  24-25 अक्टूबर 2026 की दरमियानी रात को श्रीनगर के करण नगर स्थित काका सराय में 'मीर सेल्स कॉर्पोरेशन' में भीषण आग लग गई। इस घटना से व्यावसायिक और उससे सटे आवासीय-सह-व्यावसायिक ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
जम्मू-कश्मीर के फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज (F&ES) के निदेशक, आलोक कुमार ने विभाग के कर्मियों की त्वरित, साहसिक और समन्वित कार्रवाई की सराहना की। उनके निरंतर प्रयासों से आग को केवल प्रभावित परिसर तक ही सीमित रखा जा सका, जिससे यह आसपास की अन्य इमारतों तक नहीं फैल पाई। साथ ही, पास ही स्थित छह मंजिला 'मेडिकेयर अस्पताल' को भी आग की सीधी चपेट में आने से बचा लिया गया। आग की भीषणता और आसपास की इमारतों तक इसके फैलने के खतरे को देखते हुए, एक बड़े पैमाने पर अग्निशमन अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 12 फायर स्टेशन और 20 फायर टेंडर (दमकल गाड़ियां) शामिल थे। लगभग सात घंटे तक चले लगातार प्रयासों के बाद, 25 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 5:30 बजे आग पर काबू पा लिया गया।
यह पूरा अभियान F&ES के निदेशक आलोक कुमार की देखरेख और मार्गदर्शन में चलाया गया, जबकि मौके पर इसका नेतृत्व F&ES श्रीनगर कमांड के उप निदेशक डॉ. आकिब हुसैन मीर ने किया। अग्निशमन के लिए संसाधन F&ES मुख्यालय और श्रीनगर तथा आसपास के विभिन्न स्टेशनों से जुटाए गए थे।
आग की चपेट में व्यावसायिक उपयोग वाली चार इमारतें और लोहे का एक बड़ा शेड आ गया। इस शेड में फर्निशिंग का सामान, पॉलीथीन, तिरपाल और अन्य ज्वलनशील वस्तुएं रखी थीं। कठिन परिस्थितियों और अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के बावजूद, अग्निशमन दलों ने आग को रोकने और आसपास की संपत्तियों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए अथक प्रयास किए।
मानव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के कर्मियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर 'मेडिकेयर अस्पताल' से मरीजों को एहतियातन सुरक्षित बाहर निकाला। सभी मरीजों को सुरक्षित निकाल लिया गया। इन एजेंसियों की समय पर की गई कार्रवाई और आपसी तालमेल से मरीजों की जान बचाई जा सकी और अस्पताल तथा आसपास के ढांचों को एक बड़ी दुर्घटना से सुरक्षित रखा जा सका।
आलोक कुमार ने पूरी रात काम करने वाले अधिकारियों और कर्मियों की उनके पेशेवर रवैये, साहस, टीम वर्क और निरंतर प्रयासों के लिए सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से उनके प्रभावी अग्निशमन कार्यों, अस्पताल के मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने, और आग को आस-पास की संपत्तियों तक फैलने से रोकने के लिए किए गए दृढ़ प्रयासों की सराहना की।
निदेशक ने पूरे जम्मू-कश्मीर में त्वरित और प्रभावी आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने तथा लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा करने के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने इस घटना के सफल प्रबंधन में जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और अन्य एजेंसियों द्वारा दिए गए सहयोग को भी सराहा।
यह अभियान 'फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज' के कर्मियों के समर्पण और उनके आदर्श वाक्य - "हम बचाने के लिए सेवा करते हैं" (We Serve to Save) - के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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