जम्मू। जम्मू के अंबेडकर नगर, त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन और नानक नगर की गली नंबर 15 व 16 में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए नाले का चौड़ीकरण बड़ी राहत लेकर आया है। पिछले रविवार को हुई मूसलाधार बारिश के दौरान नाले के मुहाने से हटाए गए अवैध अवरोध लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हुए। पहले जहां भारी बारिश के दौरान इन इलाकों में चार से पांच फीट तक गंदा पानी भर जाता था और घरों में घुसकर लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाता था, वहीं इस बार गलियों में जलभराव करीब एक फीट तक सीमित रहा। हालांकि, बारिश के दौरान पानी घरों की दहलीज तक पहुंचने से स्थानीय लोग कुछ समय के लिए चिंतित जरूर हुए, लेकिन नाले से पानी की निकासी होने के कारण करीब 200 घरों में होने वाला बड़ा नुकसान टल गया।

नाले के चौड़ीकरण से मिली बड़ी राहत

जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर, त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन और नानक नगर की गली नंबर 15 व 16 में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। बरसात के मौसम में तेज बारिश होते ही नाले का पानी आसपास की गलियों और घरों में प्रवेश कर जाता था।

स्थानीय निवासियों के लिए यह समस्या हर साल परेशानी का कारण बनती थी। विशेष रूप से मूसलाधार बारिश के दौरान स्थिति गंभीर हो जाती थी और कई घरों में गंदा पानी भरने से घरेलू सामान को नुकसान पहुंचता था।

इस बार नाले के मुहाने से अवैध अवरोध हटाए जाने और चौड़ीकरण के कार्य के कारण पानी की निकासी पहले की तुलना में बेहतर रही।

भारी बारिश के बावजूद जलभराव का स्तर सीमित रहने से स्थानीय परिवारों को बड़ी राहत मिली।

पहले घरों में घुस जाता था चार से पांच फीट पानी

स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्षों में भारी बारिश के दौरान इन इलाकों की स्थिति बेहद खराब हो जाती थी। नाले से पानी की पर्याप्त निकासी नहीं होने के कारण गलियों में चार से पांच फीट तक पानी भर जाता था।

इसके बाद गंदा पानी घरों के अंदर प्रवेश कर जाता था। घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े और अन्य घरेलू सामान पानी की चपेट में आने से खराब हो जाते थे।

बारिश थमने के बाद भी लोगों को घरों की सफाई करने और पानी से हुए नुकसान की भरपाई में काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।

कई परिवारों के लिए बरसात का मौसम चिंता का कारण बन गया था। तेज बारिश शुरू होते ही लोगों को अपने सामान की सुरक्षा और घरों में पानी घुसने का डर सताने लगता था।

इस बार एक फीट तक सीमित रहा जलभराव

पिछले रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर इन क्षेत्रों की जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा ली।

तेज बारिश के कारण गलियों में पानी जमा होने लगा और कुछ स्थानों पर जलस्तर घरों की दहलीज तक पहुंच गया।

इससे स्थानीय निवासियों को आशंका हुई कि कहीं पिछले वर्षों की तरह इस बार भी घरों में पानी न घुस जाए।

हालांकि, नाले के मुहाने से अवरोध हटाए जाने के कारण पानी को निकलने का रास्ता मिल गया। इसके चलते गलियों में जलभराव लगभग एक फीट तक सीमित रहा।

इस बार जलभराव का स्तर पहले की तुलना में काफी कम होने से स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की।

करीब 200 घरों को बड़े नुकसान से बचाया

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, नाले के मुहाने से अवैध अवरोध हटाए जाने के कारण लगभग 200 घरों को संभावित नुकसान से बचाया जा सका।

यदि पहले की तरह पानी की निकासी बाधित रहती, तो भारी बारिश के कारण घरों में पानी घुसने की आशंका थी।

इस बार जल निकासी व्यवस्था में सुधार होने से लोगों को अपने घरेलू सामान को सुरक्षित रखने और बारिश के बाद होने वाली परेशानी से राहत मिली।

घरों में गंदा पानी प्रवेश करने से केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं होता, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

पहले नगर निगम से की गई थी शिकायत

अंबेडकर नगर एक्सटेंशन और त्रिकुटा नगर के निवासियों ने जलभराव की समस्या को लेकर पहले भी जम्मू नगर निगम का ध्यान आकर्षित किया था।

मार्च 2025 में नगर निगम आयुक्त डॉ. देवांश यादव ने वार्ड संख्या 52 का दौरा किया था। उस दौरान स्थानीय लोगों ने बताया था कि बारिश के मौसम में नाले की अपर्याप्त निकासी क्षमता के कारण क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।

इसके बाद आयुक्त ने अधिकारियों को नालों का सीमांकन तेज करने और चौड़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने नाले के किनारे मौजूद अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता भी बताई थी।

बारिश से पहले नालों की सफाई पर दिया गया था जोर

जम्मू नगर निगम ने जुलाई 2026 में मानसून की तैयारियों के तहत शहर के प्रमुख नालों की सफाई और गाद हटाने के अभियान को तेज करने के निर्देश दिए थे।

नगर निगम ने जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में अंबेडकर नगर, त्रिकुटा नगर और नानक नगर को भी शामिल किया था।

शहर के 29 प्रमुख नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अभियान चलाने की जानकारी नगर निगम ने दी थी।

नालों पर अतिक्रमण रोकना जरूरी

नाले के चौड़ीकरण और अवरोध हटाने से मिली राहत ने यह स्पष्ट किया है कि जल निकासी मार्गों को खुला रखना कितना आवश्यक है।

नालों पर अवैध निर्माण, कचरा जमा होने और पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आने से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए नियमित सफाई, नालों की निगरानी और अवैध अवरोधों को रोकना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था का उचित रखरखाव करने से बारिश के दौरान नुकसान का खतरा कम किया जा सकता है।

स्थायी समाधान की जरूरत

हालांकि, इस बार भारी बारिश के दौरान जलभराव कम रहने से लोगों को राहत मिली है, लेकिन गलियों में एक फीट तक पानी जमा होना यह भी दर्शाता है कि जल निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

स्थानीय क्षेत्रों में नालों की नियमित सफाई, पर्याप्त निकासी क्षमता और अवरोधों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है।

अंबेडकर नगर, त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन और नानक नगर के निवासियों के लिए इस बार नाले का चौड़ीकरण बड़ी राहत साबित हुआ है।

पहले जहां चार से पांच फीट तक पानी भरने से लाखों रुपये का नुकसान होता था, वहीं इस बार लगभग 200 घरों में बड़ी क्षति की आशंका टल गई।

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