धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) धनबाद में शिक्षकों की भारी कमी इस साल एमबीबीएस की 150 सीटों पर नामांकन की राह में बड़ी बाधा बन गई है। मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 113 पद लंबे समय से खाली हैं। ऐसे में नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) से 150 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिलना कॉलेज प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
SNMMCH प्रशासन ने इस वर्ष एमबीबीएस की सीटों को बढ़ाकर 150 करने के लिए एनएमसी से अनुमति मांगी है। फिलहाल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों पर ही नामांकन होता रहा है। अगर एनएमसी से 150 सीटों की स्वीकृति मिल जाती है तो मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। लेकिन शिक्षकों की कमी के कारण अनुमति मिलने पर संशय बना हुआ है।
मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की स्थिति काफी चिंताजनक है। वर्तमान में कुल 163 स्वीकृत शिक्षण पदों में से केवल 50 पदों पर ही शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि 113 पद खाली हैं। इनमें प्रोफेसर के 33 पदों में से 25 पद खाली हैं। एसोसिएट प्रोफेसर के 47 पदों में 21 पद रिक्त हैं, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर के 83 पदों में 67 पद खाली पड़े हैं।
कॉलेज में शिक्षकों की कमी कोई नई समस्या नहीं है। वर्ष 2008-09 से ही मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी के पदों पर पर्याप्त नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाने के लिए पर्याप्त संख्या में अनुभवी शिक्षकों की मौजूदगी जरूरी होती है।
शिक्षकों की कमी का सीधा प्रभाव छात्रों की पढ़ाई और प्रशिक्षण व्यवस्था पर पड़ता है। मेडिकल शिक्षा में क्लासरूम पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों के इलाज का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी जरूरी होता है। ऐसे में पर्याप्त फैकल्टी नहीं होने से छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण देने में परेशानी आ सकती है।
हालांकि शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए गए हैं। कई पदों पर अनुबंध के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है।
इसके अलावा झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से भी नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सभी रिक्त पदों पर भर्ती कब तक पूरी हो पाएगी। कॉलेज प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द नियुक्तियां होने से फैकल्टी की स्थिति बेहतर होगी।
SNMMCH के प्राचार्य डॉ. आरके महतो ने बताया कि एनएमसी के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने अपनी ओर से सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। नए सत्र में प्रवेश प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए एडमिशन सेल का गठन भी कर दिया गया है।
अब सभी की नजरें नेशनल मेडिकल कमिशन के फैसले पर टिकी हैं। यदि एनएमसी 150 एमबीबीएस सीटों की अनुमति देता है तो धनबाद के मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में कॉलेज को इस वर्ष भी 100 सीटों पर ही नामांकन करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज की क्षमता बढ़ाने के लिए सिर्फ सीटों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए पर्याप्त शिक्षक, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था भी जरूरी है। SNMMCH में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को दूर करना अब सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।