झारखंड के लिए गर्व का पल: सरायकेला के आशीष कुमार दास संभालेंगे Infosys की कमान, 2027 में बनेंगे नए CEO
झारखंड: लिए एक ऐतिहासिक और अत्यंत गर्व का क्षण सामने आया है। राज्य के सरायकेला-खरसावां जिले (राजनगर प्रखंड के कृष्णापुर गांव) के निवासी आशीष कुमार दास भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किए गए हैं। दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा के साथ इस बड़े नेतृत्व परिवर्तन का ऐलान किया। आशीष कुमार दास 1 अप्रैल 2027 से 5 साल के कार्यकाल के लिए कंपनी की बागडोर संभालेंगे और वर्तमान सीईओ सलील पारेख का स्थान लेंगे।
अपनी इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पर खुशी जाहिर करते हुए आशीष कुमार दास ने कहा कि तकनीक अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व्यापार करने के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल रहा है। उन्होंने कहा कि इंफोसिस के पास मजबूत एआई रणनीतियां, दक्ष प्रतिभा और वैश्विक ग्राहकों का विश्वास है, जिसके दम पर कंपनी सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएगी। वहीं, निवर्तमान सीईओ सलील पारेख ने आशीष दास की नेतृत्व क्षमता, ईमानदारी और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में कंपनी और आगे बढ़ेगी।
आशीष कुमार दास का इंफोसिस के साथ सफर लगभग 31 साल पुराना और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने वर्ष 1995 में इंफोसिस में एक सीनियर एंगेजमेंट मैनेजर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपनी लगन और कार्यकुशलता के बल पर वे लगातार तरक्की करते हुए एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट तथा सर्विसेज, यूटिलिटीज, रिसोर्सेज, एनर्जी एंड एंटरप्राइज सस्टेनेबिलिटी के ग्लोबल हेड पद तक पहुंचे। उनके लंबे अनुभव ने फॉर्च्यून-500 कंपनियों को एआई, क्लाउड तकनीक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेश को अपनाने में बड़ा योगदान दिया है।
एक सामान्य ग्रामीण परिवार से आने वाले आशीष कुमार दास की शुरुआती पढ़ाई कुड़मा मध्य विद्यालय और राजनगर हाई स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने टाटा कॉलेज, चाईबासा से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सरायकेला नगर पंचायत के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी सहित कई गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्वस्तरीय कॉर्पोरेट जगत के शिखर तक पहुंचने की उनकी यह उपलब्धि सरायकेला और पूरे झारखंड के युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बनी है।