नीमडीह : एक समय किताब लेने के बहाने घर से निकला एक किशोर करीब 18 साल बाद पुलिस रिकॉर्ड में 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली के रूप में सामने आया। सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने जीवन और नक्सली संगठन से जुड़ने की कहानी चर्चा में आ गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
18 साल पहले बदली जिंदगी की दिशा
जानकारी के मुताबिक, आरोपी जब किशोर था, तब वह किताब लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार को लंबे समय तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
समय बीतने के साथ वह नक्सली संगठन के संपर्क में आया और धीरे-धीरे संगठन में सक्रिय सदस्य बन गया।
पुलिस के निशाने पर था इनामी नक्सली
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार नक्सली पर कई गंभीर मामलों में शामिल होने का आरोप था। उसकी गतिविधियों को देखते हुए उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। सूचना के आधार पर अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार किया गया।
कई मामलों में संलिप्तता का आरोप
पुलिस का दावा है कि आरोपी नक्सली संगठन के लिए काम करता था और क्षेत्र में सक्रिय गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच की जा रही है और उससे पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता
सुरक्षा अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उनका कहना है कि लगातार अभियान, खुफिया सूचनाओं और स्थानीय सहयोग से नक्सली नेटवर्क पर दबाव बनाया जा रहा है।
परिवार और गांव के लिए चौंकाने वाली घटना
18 साल पहले गायब हुए किशोर के इस तरह सामने आने की खबर से परिवार और स्थानीय लोग भी हैरान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, किसी ने नहीं सोचा था कि वह व्यक्ति आगे चलकर नक्सली संगठन से जुड़ जाएगा।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान जारी
सुरक्षा बल नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जा रहा है, जबकि हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

Tags: