धनबाद। अगस्त की शुरुआत के साथ ही झारखंड के धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, जामताड़ा और आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। इन क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं हल्की फुहारें पड़ रही हैं। दिनभर आसमान में बादलों और धूप के बीच आंख-मिचौली चलती रहती है और इसके बाद अचानक बारिश शुरू हो जाती है।
रविवार को भी क्षेत्र में मौसम का यही मिजाज देखने को मिला। सुबह से ही कभी धूप तो कभी बादलों की स्थिति बनी रही। दोपहर के समय अचानक कई इलाकों में बौछारें पड़ीं। कुछ स्थानों पर बारिश की रफ्तार तेज रही, जबकि कई जगह हल्की फुहारों से ही लोगों को संतोष करना पड़ा।
धूप-छांव के बीच होती रही बारिश
रविवार को सुबह मौसम सामान्य नजर आया, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी रही। कुछ समय के लिए धूप निकली तो लोगों को लगा कि मौसम साफ हो रहा है, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर बादल छा गए।
दोपहर के समय कई इलाकों में बारिश शुरू हो गई। बारिश कुछ देर तक हुई और फिर रुक गई। इसके बाद दोबारा धूप निकल आई। मौसम में यह बदलाव पूरे दिन देखने को मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अगस्त शुरू होने के बाद से लगभग रोजाना इसी तरह का मौसम बना हुआ है। बारिश लंबे समय तक लगातार नहीं हो रही, लेकिन दिन में कई बार रुक-रुककर बौछारें पड़ रही हैं।
धनबाद में बदला मौसम का मिजाज
धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के कारण मौसम में नमी बनी हुई है। रुक-रुककर हो रही बारिश से तापमान में उतार-चढ़ाव भी महसूस किया जा रहा है। धूप निकलने पर उमस बढ़ती है, जबकि बारिश होने के बाद मौसम कुछ राहत भरा हो जाता है।
शहर के कई इलाकों में बारिश के दौरान सड़कों पर पानी भी नजर आया। हालांकि, बारिश रुकने के बाद जल निकासी होने से स्थिति सामान्य हो गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। खेतों में नमी बढ़ने से कृषि कार्यों को मदद मिलने की उम्मीद है।
बोकारो और गिरिडीह में भी बारिश
बोकारो और गिरिडीह जिले में भी अगस्त की शुरुआत से बारिश का दौर जारी है। दोनों जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की तीव्रता में अंतर देखने को मिल रहा है।
कहीं कुछ देर तक तेज बौछारें पड़ रही हैं तो कहीं सिर्फ फुहारों से ही बारिश का दौर पूरा हो जा रहा है। बादलों की मौजूदगी के कारण मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो पा रहा है।
गिरिडीह के ग्रामीण इलाकों में बारिश को खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खेतों में पहले से मौजूद नमी के बीच नई बारिश से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
जामताड़ा और आसपास भी सक्रिय रहा मौसम
जामताड़ा और आसपास के इलाकों में भी रविवार को मौसम का मिजाज बदला रहा। दोपहर में बारिश होने के बाद वातावरण में ठंडक महसूस की गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश का कोई निश्चित समय नहीं है। सुबह मौसम साफ रहने के बाद दोपहर या शाम में अचानक बादल घिर आते हैं और बारिश शुरू हो जाती है।
रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। जरूरी काम के लिए घर से निकलने वाले लोग मौसम देखकर अपनी गतिविधियों की योजना बना रहे हैं।
किसानों के लिए बारिश राहत की उम्मीद
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में अगस्त की बारिश खेती के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। धान समेत खरीफ की कई फसलों के लिए इस समय पर्याप्त नमी जरूरी होती है।
रुक-रुककर हो रही बारिश से खेतों में पानी और नमी की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, किसानों के लिए बारिश का संतुलित होना जरूरी है। लगातार कम बारिश होने पर फसल प्रभावित हो सकती है, जबकि अत्यधिक बारिश से जलभराव और फसलों को नुकसान का खतरा रहता है।
फिलहाल रुक-रुककर हो रही बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
शहरों में भी दिखा असर
बारिश का असर शहरी इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। बारिश के दौरान सड़कों पर आवाजाही धीमी हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी होती है। वहीं, धूप निकलने के बाद उमस बढ़ने से लोगों को गर्मी का भी एहसास होता है।
धनबाद, बोकारो सहित प्रमुख शहरों में मौसम के बदलते मिजाज के कारण लोगों को दिनभर छाता और बारिश से बचाव के साधन साथ लेकर चलना पड़ रहा है।
आने वाले दिनों में भी बदलाव की संभावना
अगस्त के शुरुआती दिनों में ही बारिश का दौर बने रहने से आने वाले दिनों में भी मौसम के इसी तरह रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बारिश की तीव्रता और अवधि में बदलाव हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर लोगों को सलाह दी जा रही है कि बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचें। किसान भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बना रहे हैं।
फिलहाल धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और जामताड़ा समेत आसपास के जिलों में रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। धूप-छांव और अचानक होने वाली बौछारों के बीच लोगों को गर्मी से राहत तो मिल रही है, लेकिन लगातार बदलते मौसम ने रोजमर्रा की गतिविधियों को भी प्रभावित किया है।