कोडरमा ज्वेलरी लूट का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

Update: 2026-07-20 12:56 GMT

कोडरमा: पुलिस ने चंदवारा थाना क्षेत्र में स्वर्ण व्यवसायी से हुई लाखों रुपये के आभूषण चोरी की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में ओडिशा के एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने दावा किया है कि चोरी किए गए सभी आभूषण शत-प्रतिशत बरामद कर लिए गए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए कई महत्वपूर्ण सामान भी पुलिस के हाथ लगे हैं।

मामला चंदवारा थाना क्षेत्र के उरवां पेट्रोल पंप के पास का है, जहां बीती 8 जुलाई को स्वर्ण व्यवसायी अशोक सोनी की मोटरसाइकिल की डिक्की से लाखों रुपये के जेवरात चोरी कर लिए गए थे। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। व्यवसायी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी बाइक की डिक्की में रखे कीमती आभूषण गायब हो गए हैं। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

कोडरमा पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष के निर्देश पर चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान टीम (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक जांच के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का काम शुरू किया। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह की पहचान की गई।

जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे ओडिशा का एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह है। पुलिस को अपराधियों के मोबाइल लोकेशन के आधार पर उनके ओडिशा के जाजपुर जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद कोडरमा पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जाजपुर जिले के कोराई थाना क्षेत्र में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी राजू दास और उसके साथी धनराज प्रधान को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह की महिला सदस्य ट्विंकल दास के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस की दूसरी टीम ने कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर ट्विंकल दास को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, ट्विंकल दास चोरी किए गए सभी आभूषणों से भरा बैग लेकर ट्रेन से फरार होने की तैयारी में थी। वह तड़के करीब 3 बजे स्टेशन पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। उसके पास से चोरी किए गए सभी जेवरात बरामद कर लिए गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू दास निवासी भद्रक (ओडिशा), धनराज प्रधान निवासी जाजपुर (ओडिशा) और ट्विंकल दास निवासी भद्रक (ओडिशा) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चोरी के आभूषणों के अलावा वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक, डिक्की खोलने वाली टी-शेप मास्टर चाबी, दो मोबाइल फोन और ज्वेलरी जांचने वाला मापक यंत्र भी बरामद किया है।

पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष ने बताया कि यह गिरोह काफी शातिर है और लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क ओडिशा के करीब छह जिलों तक फैला हुआ है। गिरोह के सदस्य विशेष रूप से वाहनों की डिक्की का लॉक तोड़कर आभूषण और नकदी चोरी करने में माहिर हैं।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। दूसरे राज्यों की पुलिस भी इस गिरोह की तलाश में पहले ओडिशा पहुंच चुकी है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।

कोडरमा पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी भी संभव है। अंतरराज्यीय नेटवर्क वाले इस गिरोह के खुलासे से कई पुराने मामलों के सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

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